नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए नए आर्थिक पैकेज 'आत्मनिर्भर भारत 3.0' का ऐलान किया है| भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,''अर्थव्यवस्था की हालत में बहुत सुधार हुआ है। कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 10 लाख से घटकर 4.89 लाख हो गए हैं। कोरोना वायरस की मृत्य दर भी घटकर 1.47% हो गई है| आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में तीसरी तिमाही में सकारात्मक ग्रोथ की भविष्यवाणी की है, पहले उम्मीद थी कि ये ग्रोथ चौथी तिमाही में होगी|
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत की गई है जिससे देश में नए रोजगार का सृजन हो सके।इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,''आत्मनिर्भर भारत रोज़गार योजना' को लॉन्च किया जा रहा है ताकि नए रोज़गार के सृजन को प्रोत्साहन दिया जा सके। ये योजना 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी|
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,प्रधानमंत्री रोजगार योजना 31.03.2019 तक लागू की गई थी। इसने सभी क्षेत्रों को कवर किया था और 3 साल तक चलने की उम्मीद है। इसलिए यदि कोई 31.03.2019 को इस योजना में शामिल हो गया, तो उन्हें उस मौजूदा योजना के तहत तीन साल के लिए कवर किया जाएगा|सभी नए कर्मचारियों को सब्सिडी प्राप्त करने के लिए योजना शुरू होने के बाद पंजीकृत ईपीएफओ प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुड़े थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर तक नौकरी चली गई हो उन्हें भी इस योजना का फायदा मिलेगा। यह योजना एक अक्तूबर 2020 से लागू होगी और 30 जून 2021 तक लागू रहेगी।
सीतारमण ने कहा,''आज तक लगभग 8300 करोड़ रुपये लाभार्थियों को वितरित किए गए हैं। लगभग 1,52,899 प्रतिष्ठान हैं जो प्रधानमंत्री रोज़गार योजना के तहत 1,21,069 विषम लाभार्थियों को कवर कर रहे हैं| COVID19 रिकवरी के दौरान रोजगार के नए अवसरों के सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए 'Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana' शुरू की जा रही । प्रत्येक ईपीएफओ पंजीकृत संगठन - यदि वे नए कर्मचारियों को लेते हैं या जिन्होंने 1 मार्च 1 और 30 सितंबर के बीच नौकरी खो चुके थे- इन कर्मचारियों को लाभ मिलेगा|
सीतारमण ने कहा,''यदि 1 अक्टूबर, 2020 से 30 जून, 2021 तक अपेक्षित संख्या के नए कर्मचारियों की भर्ती की जाती है, तो अगले दो वर्षों के लिए प्रतिष्ठानों को कवर किया जाएगा। जिस संस्था में 1,000 या उससे कम कर्मचारी हैं उसमें कर्मचारी के हिस्से का 12% और काम देने वाले के भी भत्ते का 12% का केंद्र सरकार योगदान देगी। जहां 1,000 से ज़्यादा कर्मचारी हैं वहां केवल कर्मचारियों का केंद्र सरकार 12% योगदान देगी। ये अगले दो वर्ष तक लागू रहेगा|