नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2022 में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के वाहन पर गोली चलाने वाले आरोपी को जमानत देने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को आज से एक हफ्ते के अंदर जेल अथॉरिटी के सामने खुद को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से सबूतों को ध्यान में रखते हुए आरोपी की जमानत याचिका पर नए सिरे से फैसला करने के लिए कहा है।
बता दें कि, AIMIM प्रमुख ओवैसी की कार पर गुरुवार 3 फरवरी 2022 को मेरठ (उत्तर प्रदेश) के छिजारसी टोल प्लाजा पर गोलीबारी हुई थी| जब असदुद्दीन ओवैसी मेरठ के किथौर में चुनाव प्रचार के बाद दिल्ली जा रहे थे तब छिजारसी टोल प्लाजा के पास उनकी गाड़ी पर 2 लोगों ने गोलियां चलाई थी। ओवैसी की गाड़ी के टायर पंक्चर हो गए थे, उसके बाद वे दूसरी गाड़ी में वहां से निकले|
मेरठ में असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर फायरिंग
पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर फायरिंग करने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार किया था| एक आरोपी सचिन नोएडा के बादलपुर का रहने वाला है| दूसरा आरोपी शुभम सहारनपुर का रहने वाला है और दसवीं पास है|
मेरठ में काफिले पर हुई फायरिंग के बाद ओवैसी को मिली थी 'Z' कैटेगरी की सिक्योरिटी
उत्तर प्रदेश के मेरठ में असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर फायरिंग के बाद केंद्र सरकार ने 4 फरवरी 2022 को एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कमांडो द्वारा ‘जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान थी|