नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर से पैदा हुए हालात पर चर्चा के लिए शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी सांसदों के साथ डिजिटल बैठक की| सोनिया गांधी ने इस बैठक की अध्यक्षता की और मुख्य रूप से इस बारे में चर्चा की कि मौजूदा हालात से कैसे निपटा जाना चाहिए| संसद का बजट सत्र इस साल मार्च में खत्म होने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की यह पहली बैठक थी|
बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिाकर्जुन खड़गे ने कहा कि,''श्रीमती सोनिया गांधी जी ने हमें बताया कि संसद में हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की स्टैंडिंग कमेटी की जो रिपोर्ट है, उसके बारे में राष्ट्रपति को पत्र लिखकर बतायें कि उसमें जो सलाहें दी थी, सरकार उनको अमल में नहीं लाई है| उन्होंने कहा कि,''आपको मैं आंकड़ों के साथ बताना चाहूंगा कि जब पहली लहर आई उसमें 8 मार्च तक 1.12 करोड़ प्रभावित हुए थे और उसमें 1.57 लाख लोगों की मृत्यु हुई थी|
खड़गे ने कहा कि,''कोरोना की दूसरी लहर जो 8 मार्च से अब तक इसमें कम से कम कंफर्म केस 1.01 करोड़ हैं और इसमें आज की दिनांक में कुल मृत्यु 74,542 है| इसमें अगर सरकार स्टैंडिंग हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर कमेटी की सलाह पर चलती तो आज देश में ये नौबत नहीं आती। हम इसके बारे में महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिखकर बतायेंगे|
मल्लिाकर्जुन खड़गे ने कहा कि,''किसी के पास सांसद निधि में पैसा बचा हुआ है या विधायक के फंड में जो पैसा है, वो कोविड के कार्य पर ही लगाना चाहिए| ''क्योंकि केंद्र सरकार को जहाँ पर मदद करनी चाहिए; वहाँ पर वह मदद नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से बहुत सी दिक्कतें आ रही हैं। लेकिन फिर भी हमारे लोग एकजुट होकर कोविड के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं|
मल्लिाकर्जुन खड़गे ने कहा कि,''श्रीमती सोनिया गांधी जी ने सभी लोकसभा सांसदों, राज्यसभा सांसदों व विधायकों को इस मुश्किल समय में काम करने के लिए कहा है। हमें साथ मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़नी है|
गौरव गोगोई ने कहा कि,श्रीमती सोनिया गांधी जी ने कोरोना महामारी में अपने प्रियजनों को खो चुके लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उनकी आवाज में लोगों के प्रति संवेदना का भाव था|
गौरव गोगोई ने कहा कि,''भारत एक शक्तिशाली देश है। हमें जिस तरीके से कोरोना के खिलाफ युद्धस्तर पर लड़ाई लड़नी चाहिए थी; उसकी कमी देखकर हम सब निराश हैं। क्योंकि भारत सरकार, भारत के संस्थानों में और भारत की आवाम में जो क्षमता है, हम इस जंग को उस क्षमता के साथ नहीं लड़ रहे हैं| इस सरकार की क्षमता के केंद्रीकरण के कारण सरकार की लापरवाही नजर आ रही है। विदेशों से सहायता के रूप में जो सामान आया है, वो राज्य सरकारों तक समय से नहीं पहुंच रहा है|
उन्होंने कहा कि,''कांग्रेस अध्यक्षा ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वार्तालाप करने के पश्चात ये पता चला है कि आज भी केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर जिस प्रकार से काम करना चाहिए था, वह नहीं कर रही |
गौरव गोगोई ने कहा कि,''इस संकट के समय में कांग्रेस की भूमिका हमेशा सहयोग की रही है। विभिन्न समय पर डॉ. मनमोहन सिंह जी, सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी ने सरकार को परामर्श देने की कोशिश की; लेकिन सरकार की तरफ से जिस प्रकार से जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी, वो रवैया दिखाई नहीं दिया|
गौरव गोगोई ने कहा कि,''यह बहुत दुख की बात है कि जिस तरीके से कांग्रेस पार्टी के परामर्श पर सरकार को चर्चा करनी चाहिए, विचार करना चाहिए; वह नहीं कर रही है। बल्कि सरकार रक्षात्मक रूप से लेकर राजनीति करती है| कांग्रेस संसदीय दल की मीटिंग में हमने बात रखी कि आज देश में एकता की जरूरत है, सहयोग की जरूरत है, मानवता की जरूरत है|
उन्होंने कहा कि,''हमने हमेशा देश को प्रथम रखा है। वह चाहे राहुल गांधी के नेतृत्व में मदद कर रही युवा कांग्रेस की टीम हो। मगर अफसोस की बात है कि ये सरकार एक व्यक्ति की छवि को देश से अधिक महत्वपूर्ण मानती है। इसलिए आज देश खतरे में है|
गौरव गोगोई ने कहा कि,''आज विभिन्न सदस्यों ने कहा कि वह अपने-अपने स्तर पर लोगों की मदद कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी ने इस बात पर सदस्यों की सराहना भी की| उन्होंने कहा कि,''आज की मीटिंग का यही उद्देश्य था कि भारत की इस जंग में हम सभी समर्पित हैं और लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं। वह चाहे पार्लियामेंट की स्टैंडिंग कमेटी के द्वारा ही हो, आज जरूरत है कि सभी दल एकजुट होकर कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ें|