नई दिल्ली: कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे पंजाब और हरियाणा के किसानों और पुलिस के बीच शुक्रवार सुबह से सिंघु बॉर्डर पर संघर्ष जारी रहा। दोपहर दो बजे के लगभग स्थिति ज्यादा बिगड़ गई और पुलिस ने करीब 40 राउंड आंसू गैस के गोले दागे। इस बीच किसान संगठन और दिल्ली पुलिस लगातार धरनास्थल को लेकर बात कर रहे थे जिसके बाद यह निश्चय हुआ कि किसानों को दिल्ली के बुराड़ी स्थित निरंकारी समागम में प्रदर्शन करने इजाजत दी जाएगी।
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली मार्च कर रहे किसानों से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आंदोलन खत्म करने की अपील की है| तोमर ने आंदोलनरत किसानों को 3 सिदंबर को बातचीत का प्रस्ताव दिया है|
किसानों के विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,''भारत सरकार किसानों से चर्चा के लिए तैयार थी, तैयार है और तैयार रहेगी| तोमर ने कहा,''मैं सभी किसानों से आग्रह करता हूं कि सर्दी के मौसम में और कोविड के संकट में आंदोलन स्थगित करें और चर्चा का रास्ता अपनाएं। भारत सरकार उनसे चर्चा करने के लिए तैयार है|
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,''इससे पहले भी 2 चरण अपने स्तर पर, सचिव स्तर पर किसानों से वार्ता हो चुकी है। 3 दिसंबर को बातचीत के लिए किसान यूनियन को हमने आमंत्रण भेजा है|
केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पंजाब के किसानों के संगठनों ने शुक्रवार को दावा कि केन्द्र सरकार ने उन्हें दिल्ली में दाखिल होने और बुराड़ी मैदान में प्रदर्शन करने की मंजरी दे चुकी है। अंबाला (हरियाणा)के SP राजेश कालिया ने कहा,''हमें बॉर्डर खोलने के आदेश मिल चुके हैं, हमने अंबाला में शंभू बॉर्डर को खोल दिया है। बैरिकेड हटा दिए हैं। इसके बाद ट्रैफिक खुल जाएगा, अब हमारा काम ट्रैफिक को कंट्रोल करना है। अब किसी भी किसान को रोका नहीं जाएगा
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों को दिल्ली में प्रवेश देने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल की इजाजत देने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद। अब सरकार को जल्द से जल्द किसानों से बात कर कृषि बिल से जुड़े उनके मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने अधिकारिक तौर पर यह एलान कर दिया है कि किसानों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्हें निरंकारी समागम स्थल बुराड़ी तक आने की इजाजत है। उन्हें यही प्रदर्शन करना होगा। हालांकि पुलिस ने ये भी कहा है कि किसानों को इसके लिए संयम बरतना होगा और शांतिपूर्ण ढंग से पुलिस के साथ चलना होगा।
टिकरी बॉर्डर पर जब किसानों को पता चला कि उन्हें दिल्ली प्रवेश की अनुमति मिल गई है तो उन्होंने खुशी जताई। एक किसान ने कहा, हमने अपने रास्ते में तकरीबन 10 बाधाएं पार कीं। हम प्रशासन के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने हमें इजाजत दी ताकि हम प्रदर्शन कर सकें। हम खुश हैं और समस्या का सिर्फ शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।
जब दिल्ली पुलिस ने यह फैसला ले लिय??? कि किसानों को बुराड़ी में प्रदर्शन करने दिया जाएगा तो करीब तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे किसान रास्ते से हट गए। किसानों का यह समूह शनिवार को दिल्ली कूच करेगा।
दिल्ली पुलिस से राजधानी जाने की अनुमति मिलने के बाद भी प्रदर्शनरत किसान बुराड़ी जाने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वह अपने शीर्ष नेतृत्व का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही उनका ये भी कहना है कि बुराड़ी में जाकर उनका आंदोलन कमजोर पड़ सकता है। प्रदर्शन में किसानों के कई संगठन शामिल हैं। कई चाहते हैं कि बुराड़ी चला जाए और कई नहीं जाना चाहते।
फिलहाल,''पंजाब के अमृतसर से आ रहे किसानों के जत्थे को शाहबाद-त्यौड़ा थेह जीटी रोड पर रोकने के लिए पुलिस ने मिट्टी गिराकर नाकाबंदी की है। मौके पर वाटर कैनल भी मौजूद हैं। पुलिस ने सड़क पर ट्रकों को खड़ा कर उनके पहियों की हवा निकाली दी है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर लाल खट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार है। किसानों को सीधे केंद्र से बात करना चाहिए। सीएम खट्टर ने ट्वीट किया- मेरी किसान भाईयों से अपील है कि अपने सभी जायज मुद्दों के लिए केंद्र से सीधे बातचीत करें। आंदोलन इसका जरिया नहीं है। इसका हल बातचीत से ही निकलेगा।