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25 अगस्त 2026

दूसरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 7.5 फीसदी की गिरावट

नई दिल्ली: देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में चालू वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में 7.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कोरोना काल में देश की जीडीपी में लगातार दूसरी तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है।…

दूसरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 7.5 फीसदी की गिरावट
दूसरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 7.5 फीसदी की गिरावट | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में चालू वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में 7.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कोरोना काल में देश की जीडीपी में लगातार दूसरी तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है। पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार इससे पूर्व वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।



वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत सरकार को अक्टूबर, 2020 तक 5,75,697 करोड़ रुपये के कर राजस्व (केन्द्र को कुल), 1,16,206 करोड़ रुपये का गैर कर राजस्व और 16,397 करोड़ रुपये की गैर कर्ज पूंजी प्राप्तियों सहित कुल 7,08,300 करोड़ रुपये (कुल प्राप्तियों से संबंधित बजट अनुमान 2020-21 का 31.54 प्रतिशत) प्राप्त हुए हैं। गैर कर्ज पूंजी प्राप्तियों में कर्जों की वसूली (10,218 करोड़ रुपये) और विनिवेश प्राप्तियां (6,179 करोड़ रुपये) शामिल हैं।



भारत सरकार द्वारा इस अवधि तक के लिए करों के हिस्से के विचलन के रूप में राज्य सरकारों को 2,97,174 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया, जो पिछले साल से 69,697 करोड़ रुपये कम है।भारत सरकार को कुल व्यय 16,61,454 करोड़ रुपये (बजट अनुमान 2020-21 का 54.61 प्रतिशत) रहा, जिसमें 14,64,099 करोड़ रुपये राजस्व खाते से और 1,97,355 करोड़ रुपये पूंजी खाते से आए। कुल राजस्व व्यय में से 3,33,456 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान में गए और 1,85,400 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी के मद में गए।




अक्टूबर में आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में 2.5 फीसदी की गिरावट आई। कोयला, कच्‍चा तेल, उर्वरक, स्‍टील, पेट्रो रिफाइनिंग, बिजली और नेचुरल गैस उद्योगों को किसी अर्थव्‍यवस्‍था की बुनियाद माना जाता है| यही आठ क्षेत्र कोर सेक्‍टर कहे जाते हैं।




आठ कोर इंडस्ट्रीज का संयुक्त सूचकांक अक्टूबर में 124.2 पर रहा जिसमें अक्टूबर2019 की तुलना में 2.5 फीसदी (अनंतिम) की गिरावट दर्ज की गई। इनकी संचयी वृद्धि दर अप्रैल-अक्टूबर, 2020-21 के (-) 13.0 प्रतिशत थी।


जुलाई, 2020 में आठ कोर उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर को संशोधित कर (-) 7.6 % कर दिया गया है।औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के कुल भारांक (वेटेज) का 40.27प्रतिशत हिस्सा आठ कोर उद्योगों में ही निहित होता है। वार्षिक/मासिक सूचकांक और वृद्धि दर का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।




पहली तिमाही के पहले दो महीनों अप्रैल और मई में देश में पूरी तरह से लॉकडाउन (Lockdown) था। मई के अंत में आर्थिक गतिविधियां शुरू हुई थीं। दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था पूरी तरह खुल गई थी। रेटिंग एजेंसियों ने दूसरी तिमाही में GDP में 10 से 11% तक गिरावट का अनुमान लगाया था। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी में 8.6% की गिरावट का अनुमान लगाया था। मूडीज ने 10.6 फीसदी, केयर रेटिंग ने 9.9 फीसदी, क्रिसिल ने 12 फीसदी, इक्रा ने 9.5 फीसदी और एसबीआई रिसर्च ने 10.7% फीसदी गिरावट का अनुमान जताया था।





आठ कोर उद्योगों के सूचकांक:

कोयला: अक्टूबर, 2020 में कोयला उत्‍पादन (भारांक: 10.33%) अक्टूबर, 2019 के मुकाबले 11.6प्रतिशत बढ़ गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.6 प्रतिशत गिर गया।




कच्‍चा तेल: अक्टूबर, 2020 के दौरान कच्‍चे तेल का उत्‍पादन (भारांक: 8.98%) अक्टूबर, 2019 की तुलना में 6.2 प्रतिशत गिर गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.1 प्रतिशत कम रहा।





प्राकृतिक गैस: अक्टूबर, 2020 में प्राकृतिक गैस का उत्‍पादन (भारांक: 6.88%) अक्टूबर, 2019 के मुकाबले 8.6 प्रतिशत गिर गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.5 प्रतिशत घट गया।





रिफाइनरी उत्‍पाद: पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्‍पादों का उत्‍पादन (भारांक: 28.04%) अक्टूबर, 2020 में 17.0प्रतिशत घट गया। वहीं, वर्ष 2020-21 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16.4 प्रतिशत कम रहा।




उर्वरक: अक्टूबर, 2020 के दौरान उर्वरक उत्‍पादन (भारांक: 2.63%) 6.3 प्रतिशत बढ़ गया। उधर, वर्ष 2020-21 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्‍त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.1प्रतिशत अधिक रहा।




इस्‍पात: अक्टूबर, 2020 में इस्‍पात उत्‍पादन (भारांक: 17.92%) 2.7 प्रतिशत घट गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 22.8 प्रतिशत कम रहा।



सीमेंट: अक्टूबर, 2020 के दौरान सीमेंट उत्‍पादन (भारांक: 5.37%) अक्टूबर, 2019 के मुकाबले 2.8 प्रतिशत घट गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्‍त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 21.3 प्रतिशत कम रहा।




बिजली: अक्टूबर, 2020 के दौरान बिजली उत्‍पादन (भारांक: 19.85%) अक्टूबर, 2019 के मुकाबले 10.5प्रतिशत घट गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 5.6 प्रतिशत कम रहा।







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यह रिपोर्ट 27 नवंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 24 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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