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25 अगस्त 2026

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने Remdesivir दवाओं के निर्यात पर लगाई रोक

नई दिल्ली: भारत सरकार ने जब तक देश में COVID के संक्रमण की स्थिति में सुधार नहीं होता है तब तक इंजेक्शन रेमडीसीविर (Remdesivir) और रेमडीसीविर एक्टिव फ़ार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के एक्सपोर्ट प…

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने Remdesivir दवाओं के निर्यात पर लगाई रोक
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने Remdesivir दवाओं के निर्यात पर लगाई रोक | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: भारत सरकार ने जब तक देश में COVID के संक्रमण की स्थिति में सुधार नहीं होता है तब तक इंजेक्शन रेमडीसीविर (Remdesivir) और रेमडीसीविर एक्टिव फ़ार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है| केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन और इसके उत्पादन में सहायक ड्रग  रेमडेसिविर 'एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंट्स ' (API) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया, यह आदेश देश में COVID19 के हालात सुधरने तक लागू रहेगा | सभी घरेलू निर्माताओं को स्टॉक की जानकारी वेबसाइट पर डालनी होगी|  ड्रग्स इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों को स्टॉक के जांच के निर्देश दिए गए|




भारत में कोविड मामलों में हाल में काफी तेजी आई है। 11.04.2021 तक कोविड के 11.08 लाख सक्रिय मामले हैं और उनमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से कोविड रोगियों के उपचार में प्रयुक्‍त इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर की मांग में अचानक बहुत तेजी आ गई है। आने वाले दिनों में इस मांग में और वृद्धि होने की संभावना है।



भारत की सात कंपनियां अमेरिका की मेसर्स गिलीड साइंसेज के साथ स्‍वैच्छिक लाइसेंसिंग समझौते के तहत इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर का उत्‍पादन कर रही हैं। उनके पास हर महीने लगभग 38.80 लाख यूनिट की संस्‍थापित क्षमता है। भारत सरकार ने स्थिति में सुधार आने तक इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर तथा रेम्‍डेसिविर एक्टिव फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।




सरकार ने राज्‍यों को यह भी सुझाव दिया है कि वर्तमान ‘कोविड-19 के लिए राष्‍ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल’ जो साक्ष्‍य पर आधारित है, को विशेषज्ञों की समिति द्वारा कई परस्‍पर बैठकों के बाद विकसित किया गया है और यह कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए मार्गदर्शक दस्‍तावेज है। प्रोटोकॉल में रेम्‍डेसिविर को एक इंवेस्टिगेशनल थेरेपी अर्थात विस्‍तृत दिशा-निर्देशों में उल्‍लेखित प्रति संकेतों पर गौर करने के अतिरिक्‍त, जहां सूचित और साझा निर्णय निर्माण अनिवार्य है, के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।



राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को सुझाव दिया गया है कि इन कदमों को एक बार फिर से सभी अस्‍पतालों, सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों को संप्रेषित कर दिया जाए और इनके अनुपालन की निगरानी की जाए।



 सरकार ने रोगियों एवं अस्‍पतालों को रेम्‍डेसिविर की सरल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निम्‍नलिखित कदम उठाए हैं|

  • ● दवा की सुविधा सुगम बनाने के लिए रेम्‍डेसिविर के सभी घरेलू विनिर्माताओं को उनकी वेबसाइट पर उनके स्‍टॉकिस्‍ट/वितरकों के विवरणों को प्रदर्शित करने का सुझाव दिया गया है।
  • ● ड्रग इंस्‍पेक्‍टरों तथा अन्‍य अधिकारियों को स्‍टॉक का सत्‍यापन करने तथा उनके कदाचारों की जांच करने तथा जमाखोरी और तहबाजारी रोकने के लिए अन्‍य कारगर कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया है। राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य सचिव संबंधित राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के ड्रग इंस्‍पेक्‍टरों के साथ इसकी समीक्षा करेंगे।
  • ● फार्मास्‍युटिकल विभाग रेम्‍डेसिविर के उत्‍पादन में बढ़ोतरी के लिए घरेलू विनिर्माताओं के संपर्क में बना हुआ है।






tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 11 अप्रैल 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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