नई दिल्ली: ब्रिटेन में कोरोना वायरस की नई स्ट्रेन का पता चला है जो इंग्लैंड के दक्षिण-पूर्व इलाकों में काफी तेजी से फैल रही है।ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने और अचानक से उसके मामलों में बढ़ोतरी होने से भारत में स्वास्थ्य मन्त्रालय की चिंता बढ़ गई है| ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए प्रकार (स्ट्रेन) की पहचान होने के बीच इस पर चर्चा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को संयुक्त निगरानी समूह (जेएमजी) की आपात बैठक बुलाई है.
वही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने कहा,''हमारी पहली प्राथमिकता टीकों की सुरक्षा और प्रभावशीलता रही है। हम उस पर कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है, शायद जनवरी के किसी भी सप्ताह में, हम भारत के लोगों को पहला COVID वैक्सीन शॉट देने की स्थिति में हो सकते हैं|
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए प्रकार के चलते इस पर चर्चा के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) की अध्यक्षता में सोमवार को संयुक्त निगरानी समूह की बैठक होगी। भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ रॉडरिको एच ऑफ्रिन भी बैठक में शामिल हो सकते हैं जोकि जेएमजी के सदस्य हैं।'
उधर ब्रिटेन की सरकार द्वारा वायरस के नए प्रकार के ''नियत्रंण से बाहर'' होने की चेतावनी जारी करने के बाद यूरोपीय यूनियन के कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाली उडानों पर रोक लगा दी है। वहीं, ब्रिटेन ने भी रविवार से सख्त लॉकडाउन लागू कर दिया है।''खबर के मुताबिक, दक्षिण इंग्लैंड में कोरोना की नई स्ट्रेन के सामने आने के बाद नीदरलैंड ने इस साल के अंत तक ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है।
हालांकि वैज्ञानिक यह पता लगा रहे हैं कि हाल में ही कोरोना मरीजों में बढ़ोतरी कहीं कोरोना के नए प्रकार से तो नहीं हुई है। ब्रिटिश विज्ञानियों ने वायरस के इस नए प्रकार को 'वीयूआइ 202012/01' नाम दिया है। नीदरलैंड ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक इसलिए लगाई है ताकि इसका प्रकोप उसकी सीमा तक नहीं पहुंचे।खबर के मुताबिक, नीदरलैंड की लागू प्रतिबंध रविवार सुबह से प्रभावी हो गया। नीदरलैंड की सरकार ने कहा कि उसने कोरोना से बचाव के ब्रिटेन के सख्त उपायों को लागू करने के बाद यह फैसला लिया है।
मालूम हो कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लंदन और आसपास के इलाकों में शनिवार को सख्त प्रतिबंधों का एलान किया था। सनद रहे कि ब्रिटेन में यह वाकया टीकाकरण अभियान के जारी रहने के दौरान सामने आया है। पीएम जॉनसन का कहना है कि अभी कोई प्रमाण नहीं है कि कोविड वैक्सीन इस पर प्रभावी होगी तो कितनी या यह कितना घातक होगा। नीदरलैंड का कहना है कि वह ब्रिटेन से वायरस के नए रूप को आने से रोकने के लिए यूरोपीय संघ के अन्य देशों के साथ विभिन्न संभावनाओं पर चर्चा करेगा।
गौरतलब है कि जॉनसन ने बीते दिनों कहा था कि ऐसा लग रहा है कि कोरोना वायरस का नया रूप दुनिया के सामने आ गया है जो पहले के वायरस के मुकाबले 70 फीसद ज्यादा तेजी से फैलता है। समाचार एजेंसी एपी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि माना यह भी जा रहा है कि लंदन और दक्षिण इंग्लैंड में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला सकता है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब दुनिया के तमाम मुल्कों में टीकाकरण की तैयारियां चल रही है और कई देशों में लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं।