जैसलमेर : जैसलमेर एयरबेस पर जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''अगर कोई हम पर बुरी नजर डालता है, तो हमारे सैनिक उन्हें मुंहतोड़ जवाब देते हैं। यह विश्व में भारतीय सेना की विश्वसनीयता स्थापित करता है। आज, देश की सेना अन्य बड़े देशों के साथ सैन्य अभ्यास में लगी हुई है|उन्होंने कहा,'' हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए रणनीतिक साझेदारी में लगे हुए हैं। भारतीय सशस्त्र बलों ने दिखाया है कि वे कहीं भी, कभी भी आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर सकते हैं|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''दीपावली के दिन दरवाजे या गेट के सामने शुभ-लाभ या रिद्धि-सिद्धि आदि रंगोली की परंपरा है। इसके पीछे यही सोच होती है कि दीपावली पर स्मृद्धि आए। वैसे ही राष्ट्र की सीमाएं एक प्रकार से देश का द्वार होती हैं। ऐसे में राष्ट्र की स्मृद्धि, शुभ-लाभ और रिद्धि-सिद्धि आपसे (सेना) है|
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारतीय सशस्त्र बल दुश्मनों से निपटने में सक्षम हैं। साथ ही आपदाओं के दौरान लोगों की मदद करने में वे सबसे आगे हैं। कोविड के कारण दूसरे देशों में फंसे लोगों को बचाने में वायुसेना और नौसेना द्वारा निभाई गई भूमिका सराहनीय है।उन्होंने कहा, भारतीय सशस्त्र बलों ने कोरोना महामारी के दौरान युद्धस्तर पर काम किया और देश में मास्क, सैनिटाइजर, पीपीई किट, चिकित्सा उपकरण और अस्पतालों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर योगदान दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,'कोरोना काल में वैक्सीन बनाने का प्रयास कर रहे वैज्ञानिकों के साथ ही मिसाइलें बनाने वाले वैज्ञानिकों ने देश का ध्यान खींचा है। इस दौरान निरंतर मिसाइलों के टेस्टिंग की खबरें आती रहीं। आप कल्पना कर सकते हैं कि बीते कुछ महीनों में ही देश की सामरिक ताकत कितनी ज्यादा बढ़ गई है| उन्होंने कहा,वुहान (चीन) से आए लोगों को बचाने में हमारी वायु सेना सबसे आगे थी। कुछ देश ऐसे थे जिन्होंने वुहान में फंसे अपने लोगों को छोड़ दिया, हमने न केवल अपने लोगों को बचाया बल्कि अन्य देशों को भी मदद की
उन्होंने कहा,''आज जिस प्रकार दूसरे क्षेत्रों में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है उसी तरह हमारे सुरक्षा तंत्र में भी वुमेन पावर की भूमिका को और व्यापक किया जा रहा है| उन्होंने कहा,'''भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और उसके सैनिकों को उपकरणों के प्रावधान के लिए एक बड़ी बाधा लाल फीताशाही थी। अब प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। इस बेहतर समन्वय के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को सशस्त्र बलों के पदानुक्रम में शामिल किया गया है।