नई दिल्ली: कृषि क़ानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 14वें दिन भी जारी है। गृह मंत्री अमित शाह और कुछ किसान नेताओं के बीच मंगलवार की रात हुई बैठक विफल रहने के बाद सरकार और किसान यूनियनों के बीच आज होने वाली बैठक अब नहीं होगी।। सरकार ने किसानों को कृषि कानून में संशोधन का लिखित प्रस्ताव भेजा है। फिलहाल कृषि कानूनों को वापस लेने से मोदी सरकार ने इंकार कर दिया है|
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, किसान वापस नहीं जाएगा, अब किसान के मान-सम्मान का सवाल है। सरकार कानून वापस नहीं लेगी, तानाशाही होगी...? अगर सरकार हठधर्मी पर है तो किसान की भी हठ है। ये पूरे देश के किसानों का सवाल है|
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा,हम अपनी बैठक में रणनीति बनाएंगे और उनके (केंद्र) प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। किसान पीछे नहीं हटेंगे, यह उनके सम्मान की बात है। उन्होंने पूछा,''क्या सरकार कानून वापस नहीं लेगी..? क्या अत्याचार होगा? अगर सरकार जिद्दी है, तो किसान भी जिद्दी हैं। कानून वापस लेना होगा|
कृषि कानूनों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) और किसान नेताओं के बीच मंगलवार देर रात तक बैठक हुई|बैठक में किसानों ने तीनों बिलों को रद्द करवाने की मांग दोहराई जबकि सरकार ने संशोधन करने का प्रस्ताव दोहराया| मंगलवार रात करीब 11:15 बजे तक चली बैठक में भी गतिरोध को लेकर कोई सहमति बनती नहीं दिखी| ऐसे में नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच गतिरोध खत्म होता नहीं दिख रहा|
बैठक खत्म होने के बाद अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मुल्ला ने कहा,'' किसानों और सरकार के बीच कल कोई बैठक नहीं होगी। अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मुल्ला ने कहा, गृह मंत्री ने कहा है कि कल किसान नेताओं को एक प्रस्ताव दिया जाएगा। किसान नेता सरकार के प्रस्ताव पर एक बैठक करेंगे|
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव ने कहा,' सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं है|
सूत्रों के हवाले से खबर है कि आज यानि बुधवार को सरकार ने किसानों को कृषि बिलों में संशोधन का लिखित प्रस्ताव भेज दिया है। सरकार अब किसानों की कई मांग मानने को तैयार है। सूत्रों का कहना है कि सरकार अलग से एमएसपी कानून ला सकती है। इसके साथ ही एपीएमसी मंडी एक्ट में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। प्राइवेट प्लेयर्स पर टैक्स लगाने पर भी मंजूरी बनने की खबर है। इसके साथ ही किसानों की समस्याओें के निपटारे के लिए अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।