नई दिल्ली: 'दिल्ली की कई सीमाओं पर कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 38वां दिन है। दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर तीनों नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली आयोजित करने की धमकी दी है |कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 38वें दिन भी जारी है। 4 जनवरी को किसानों और केंद्र सरकार की वार्ता होगी।
किसान संगठनों ने कहा कि,''अगर 26 जनवरी तक हमारी बातें नहीं सुलझती तो दिल्ली के तमाम मोर्चों से किसान दिल्ली के अंदर घुसकर अपनी किसान गणतंत्र परेड करने के लिए मजबूर होंगे| इसके अलावा किसानों ने कहा है कि 23 जनवरी को सभी राज्यपालों के आवास पर विरोध प्रदर्शन करेंगे|
किसान आंदोलन का समन्वय कर रही 7 सदस्यीय समन्वय समिति ने आज राष्ट्रीय राजधानी में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो दिल्ली के चारों ओर लगे मोर्चों से किसान 26 जनवरी को दिल्ली में प्रवेश कर ट्रैक्टर ट्रॉली और अन्य वाहनों के साथ "किसान गणतंत्र परेड" करेंगे| किसान नेताओं ने यह स्पष्ट किया की यह परेड गणतंत्र दिवस की आधिकारिक परेड की समाप्ति के बाद होगी
योगेंद्र यादव ने कहा कि,''अगर 26 जनवरी तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो किसान दिल्ली में 'किसान गणतंत्र परेड' करेंगे। हम राष्ट्रीय राजधानी के आस-पास के क्षेत्रों के किसानों से अपील करते हैं कि वे तैयार रहें और देश के हर किसान परिवार से अनुरोध करें कि वे दिल्ली में एक सदस्य को भेजें।
क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि,'23 जनवरी को, हम विभिन्न राज्यों में राज्यपालों के आवास की ओर मार्च करेंगे, और 'ट्रैक्टर किसान परेड' 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित की जाएगी।
किसानों के ये आंदोलन अब निर्णायक दौर में है, 30 तारीख की वार्ता के बारे में मैं इतना ही कहूंगा कि अभी तो पूंछ निकली है, हाथी निकलना अभी बाकी है। MSP को क़ानूनी अधिकार मिलने और तीनों कृषि क़ानूनों को खारिज करने पर सरकार टस से मस नहीं हुई है| 4 तारीख (4जनवरी) को हमारी वार्ता है, अगर परिणाम संतोषजनक नहीं निकलते हैं तो 6 तारीख को KMP राजमार्ग पर मार्च किया जाएगा। 6 तारीख से 20 तारीख तक 2 हफ्ते पूरे देश में देश जागृति अभियान चलाया जाएगा: योगेंद्र यादव