अहमदाबाद: केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि , न्यायाधीशों की नियुक्ति करना सरकार का काम है| देश के लोग कॉलेजियम सिस्टम (Collegium System) से खुश नहीं हैं और भारत के संविधान की भावना के अनुसार जजों की नियुक्ति करना सरकार का काम है।
अहमदाबाद में 17 अक्टूबर को कानून मंत्री ने कहा कि,'' मेरे पास न्यायाधीशों के सीक्रेट दस्तावेज हैं. जब जज चुनने की बात आती है तो हर जज अपने जानकार या अपने परिवार वालों का नाम ही आगे करता है' |
उन्होंने आगे कहा कि, "लोग राजनेताओं को तो राजनीति करते हुए देखते हैं, पर न्यायाधीशों की राजनीति का किसी को पता नहीं चलता" | "न्यायाधीशों का आधा समय अगला जज तय करने में चला जाता है" |
किरेन रिजिजू ने कहा कि ,"जब न्यायधीश अगले जज को नियुक्त करने में समय लगाते हैं तो उनकी न्याय देने की मुख्य जिम्मेदारी पर असर पड़ता है"| अगर न्यायाधीश ही चुनने का काम करेंगे तो वो आलोचना से बच नहीं सकते"
उन्होंने कहा कि, यदि न्यायाधीशों की नियुक्ति में न्यायाधीशों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, तो वे यह दावा नहीं कर सकते कि उन्हें आलोचना से ऊपर होना चाहिए।
जिजू ने कहा कि ,"न्यायाधीशों को नियुक्त करना सरकार का काम है। दुनिया में कहीं भी न्यायाधीशों को दूसरे न्यायाधीश नियुक्त नहीं करते|