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25 अगस्त 2026

कांग्रेस के साथी कृषि कानूनों के कंटेट और इंटेंट पर चर्चा करते तो ज़्यादा अच्छा होता: लोकसभा में प्रधानमंत्री

नई दिल्ली: लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'इस कोरोना काल में 3 कृषि कानून भी लाये गए। ये कृषि सुधार का सिलसिला बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण है और बरसों से जो हमारा कृषि क्षेत्र चुनौति…

कांग्रेस के साथी कृषि कानूनों के कंटेट और इंटेंट पर चर्चा करते तो ज़्यादा अच्छा होता: लोकसभा में प्रधानमंत्री
कांग्रेस के साथी कृषि कानूनों के कंटेट और इंटेंट पर चर्चा करते तो ज़्यादा अच्छा होता: लोकसभा में प्रधानमंत्री | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'इस कोरोना काल में 3 कृषि कानून भी लाये गए। ये कृषि सुधार का सिलसिला बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण है और बरसों से जो हमारा कृषि क्षेत्र चुनौतियां महसूस कर रहा है, उसको बाहर लाने के लिए हमें निरंतर प्रयास करना ही होगा और हमने एक ईमानदारी से प्रयास किया भी है।




प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि,'हम मानते हैं कि इसमें सही में कोई कमी हो, किसानों का कोई नुकसान हो, तो बदलाव करने में क्या जाता है। ये देश देशवासियों का है। हम किसानों के लिए निर्णय करते हैं, अगर कोई ऐसी बात बताते हैं जो उचित हो, तो हमें कोई संकोच नहीं है।कानून लागू होने के बाद न देश में कोई मंडी बंद हुई, न एमएसपी बंद हुआ। ये सच्चाई है। इतना ही नहीं ये कानून बनने के बाद एमएसपी की खरीद भी बढ़ी है।



उन्होंने कहा कि,'' मैंने देखा कि यहां कांग्रेस के साथियों ने कृषि क़ानूनों पर चर्चा की, वो रंग पर तो बहुत चर्चा कर रहे थे कि काला है या सफेद है, परन्तु अच्छा होता अगर वो इनके इंटेंट पर और इसके कंटेंट पर चर्चा करते|




कृषि सुधार बहुत ही ज़रूरी; सुधारों को लेकर लाए गए तीनों क़ानून; हमारी सरकार कृषि सुधारों की वकालत की पक्षधर: पीएम



आंदोलन में बैठे किसान भ्रम और अफवाहों के शिकार हुए; आंदोलनकारी किसान ग़लत धारणा के शिकार हुए; यह सदन और सरकार आंदोलनकारी किसानों का आदर करती है; किसानों के साथ सरकार के मंत्री लगातार वार्ता कर रहे हैं: पीएम




सरकार ने किसानों के साथ हर मुद्दे पर चर्चा की; हमने किसानों की शंकाएं दूर करने की कोशिश की: पीएम




कृषि क़ानून के कंटेंट और इंटेंट पर चर्चा होती, तो ज़्यादा अच्छा होता; क़ानून लागू होने के बाद कोई MSP बंद नहीं हुई; क़ानून लागू होने के बाद कोई मंडी बंद नहीं हुई; क़ानून लागू होने के बाद एमएसपी में वृद्धि हुई; यह विरोध एक सोची-समझी रणनीति के तहत हो रहा है: पीएम



क़ानूनों से किसानों को अतिरिक्त विकल्प प्रदान किए गए; कृषि क़ानून किसी के लिए बंधन नहीं है, ये विकल्प है; मंडियों को और आधुनिक बनाने के लिए बजट में व्यवस्था की गई; पुरानी मंडियों पर कोई पाबंदी नहीं: पीएम




देश की प्रगति के लिए क़ानून बना; प्रगतिशील समाज के लिए हमने कई ऐतिहासिक क़ानून बनाए; कांग्रेस का तबका लोक सभा और राज्य सभा में अलग-अलग चलता है: पीएम




मांगा जाए तभी सरकार काम करे, वो वक़्त चला गया; सरकारें संवेदनशील होनी चाहिए; हमारी सरकार संवेदनाओं को समझकर काम करती है; हमें नागरिकों को अधिकार देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए; देश की आवश्यकता के अनुसार निर्णय लेने चाहिए; हमें बदलाव और सुधारों के लिए काम करना चाहिए: पीएम




हमारे यहां किसानी और खेती संस्कृति से जुड़े हुए हैं; हमारी परंपरा और त्योहार भी किसानी से जुड़े हैं; विपरीत परिस्थितियों में भी किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन किया; पुरानी सोच और पुराने मानदंड कृषि का भला नहीं कर सकते हैं: पीएम




हमारा किसान आत्मनिर्भर बने, उसे अपनी उपज बेचने की आजादी मिले, उस दिशा में काम करने की आवश्यकता है|कृषि के अंदर जितना निवेश बढ़ेगा, उतना ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे: PM 




हमने कोरोना काल में किसान रेल का प्रयोग किया है। यह ट्रेन चलता-फिरता एक कोल्ड स्टोरेज है: PM




tvlnews

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यह रिपोर्ट 10 फ़रवरी 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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