नई दिल्ली: महाराष्ट्र से सीमेंट मिक्सर मे बैठकर लखनऊ जा रहे 18 मजदूरों कों इंदौर-उज्जैन सीमा के पंथपिपलाई बॉर्डर पर चैकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ा| मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा,आज इंदौर में पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक सीमेंट कांक्रिट के मिक्सर को रोका जिसमें 18 मज़दूर मिले जो छिपकर महाराष्ट्र से अपने घर लखनऊ जा रहे थे। ऐसी तस्वीरें दिल को झकझोर देती है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा लॉकडाउन के दौरान मज़दूरो की घर वापसी के लिये सरकार द्वारा पूर्व में ही इंतज़ाम कर दिये जाते तो ना इस तरह की तस्वीरें सामने आती और ना हज़ारों किलोमीटर पैदल चल कर अपने घरों की और जाते भूखे-प्यासे मज़दूरों की सेकडो तस्वीरें..
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कांग्रेस पार्टी पिछले एक माह से माँग कर रही थी कि देश भर के विभिन्न राज्यों में जो प्रवासी मज़दूर भाई , छात्र फँसे है उन्हें वापस अपने-अपने घर लाने के लिये विशेष ट्रेनें चलायी जावे। केन्द्र सरकार ने एक माह बाद निर्णय लिया कि विशेष ट्रेनें चलायी जायेगी,निर्णय स्वागत योग्य है।कोरोना महामारी के लॉकडाउन के चलते मज़दूर का पहले ही रोज़गार छीन चुका है , उसके पास खाने को राशन तक नहीं है , ऐसे संकट के दौर में उससे घर वापसी का किराया वसूला जाना बेहद शर्मनाक है।सरकार इस मामले में संज्ञान लेकर तत्काल किराया वसूली पर रोक लगाये , प्रदेश के वापस घर आ रहे मज़दूर भाइयों के किराये की राशि का खर्च सरकार ख़ुद वहन करे।
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने कहा सरकार ने इंसानों को क्या बना दिया, —आख़िर इनकी मदद क्यों नहीं हो रही..? लॉकडाउन में रोज़गार छिनने के बाद ये लोग सीमेंट मिक्सर ट्रक में बैठकर लखनऊ जा रहे थे, मप्र की देवास पुलिस ने इन्हें पकड़ा है। सरकार की अव्यवस्थाओं ने इंसानों की ज़िंदगी को कीड़े-मकोड़े सा बना दिया है।
बता दें क़ि कोरोनावायरस लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस अपने घर पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अनमुति दे दी गई है| इसके लिए बसें और विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं| बावजूद इसके लोगों के चोरी-छिपे जाने की घटनाओं पर रोक लगती हुई नजर नहीं आ रही है| ताजा मामला मध्य प्रदेश का है| यहां इंदौर-उज्जैन सीमा के पंथपिपलाई बॉर्डर पर एक मिक्सर में 18 मज़दूर छिपकर महाराष्ट्र से लखनऊ जा रहे थे| चैकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ा|
इंदौर-उज्जैन सीमा के पंथपिपलाई बॉर्डर पर मिक्सर से एक दो नहीं पूरे 18 मज़दूर निकले| दरअसल चेकिंग में लगे पुलिसवालों ने एक मिक्सर मशीन को रोका, गाड़ी रोकते ही ड्राइवर घबरा गया| इस पर पुलिस को आशंका हुई| चालक से पूछने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया| इसके बाद मिक्सर मशीन को चेक किया तो भीतर से कुछ आवाज आ रही थी| इसके बाद पुलिस ने मशीन का ढक्कन खुलवाया तो उसके भीतर मजदूर बैठे नजर आए| सभी को एक-एक कर नीचे उतारा गया| मिक्सर मशीन में सवार होकर ये लोग महाराष्ट्र से लखनऊ तक जा रहे थे| पुलिस ने मामले की सूचना तत्काल प्रशासन को देते हुए मिक्सर मशीन को जब्त कर लिया|