नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन आज 51वां दिन है। केंद्र सरकार और किसानों के बीच आज नौवें दौर की वार्ता हो रही है| कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, राज्य वाणिज्य मंत्री सोम प्रकाश एवं विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के मध्य कृषि अधिनियमों पर आधारित चर्चा आरम्भ हुई।
किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 9वें दौर की बैठक: लाइव अपडेट
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि,''सुप्रीम कोर्ट के प्रति हम सभी की प्रतिबद्धता है और आने वाले कल में भी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारत सरकार स्वागत करती है| सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है जब वो कमेटी भारत सरकार को बुलाएगी तब हम उस कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है वो भी समाधान ढूंढने के लिए है
तोमर ने कहा कि हमने किसान यूनियन से कहा है कि अपने बीच में अनौपचारिक समूह बना लें, जो लोग ठीक तरह से कानूनों पर चर्चा कर एक मसौदा बनाकर सरकार को दें। हम उस पर खुले मन से विचार करने के लिए तैयार हैं।
किसान नेताओं से वार्ता खत्म होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि किसान यूनियन के साथ 9वें दौर की वार्ता समाप्त हुई। तीनों कानूनों पर चर्चा हुई। आवश्यक वस्तु अधिनियम पर विस्तार से चर्चा हुई। उनकी शंकाओं के समाधान की कोशिश की गई। यूनियन और सरकार ने तय किया की 19 जनवरी को 12 बजे फिर से चर्चा होगी।
सरकार के साथ 9वें दौर की मुलाकात के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार से ही हम बात करेंगे। 2 ही बिंदु है। कृषि के 3 कानून वापस हो और MSP पर बात हो। हम कोर्ट की कमेटी के पास नहीं जाएंगे, हम सरकार से ही बात करेंगे।
किसान नेताओं और सरकार के बीच 9वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। अगली बैठक 19 जनवरी को तय की गई है। सरकार के साथ 9वें दौर की वार्ता के बाद किसान नेता बोले, 'कोई समाधान नहीं निकला, न कृषि कानूनों पर न एमएसपी पर। 19 जनवरी को फिर से मुलाकात होगी
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पहुंचकर कहा कि नरेंद्र मोदी हिन्दुस्तान को नहीं समझ रहे हैं, वो सोचते हैं कि किसानों में शक्ति नहीं है और ये 10-15 दिन में चले जाएंगे क्योंकि नरेंद्र मोदी किसान की इज्जत नहीं करते। नरेंद्र मोदी हिन्दुस्तान का किसान नहीं डरेगा, नहीं हटेगा और भागना आपको पड़ेगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली राज भवन के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि, कृषि कानून किसानों की मदद करने के लिए नहीं, बल्कि उनको खत्म करने के लिए हैं। भाजपा सरकार को कृषि कानून वापस लेने ही होंगे, कानूनों को रद्द किए जाने तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।
जब राहुल गांधी से पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जिसके सामने किसान नहीं जा रहे इस पर क्या कहेंगे तो उन्होंने कहा कि, भईया माया शब्द सुना है आपने... पूरा का पूरा माया है मीडिया क्रिएटेड माया है और ये माया टूटने वाली है, जिस दिन ये माया टूटी उस दिन आप देखना क्या होता है।
किसान नेताओं और सरकार के बीच में बैठक जारी है, हालांकि भोजनावकाश तक कोई हल नहीं निकला था। अवकाश के बाद एमएसपी गारंटी कानून पर चर्चा होगी।
-यूपी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। अजय कुमार लल्लू को उनके आवास के पास से गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि किसान कानून के विरोध में कांग्रेस आज किसान अधिकार मार्च पूरे देश में निकाल रही है। इसी के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन का घेराव करने जा रहे थे जिससे पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
-सूत्रों का कहना है कि बीते एक घंटे से ज्यादा समय से सरकार और किसानों की बैठक चल रही है वह पिछले दौर की तरह ही चल रही है। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध जारी है।
दिल्ली: विज्ञान भवन में किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 9वें दौर की बैठक शुरू हुई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सोमप्रकाश मौजूद हैं।
दिल्ली: किसानों के साथ होने वाली 9वें दौर की वार्ता के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर विज्ञान भवन पहुंचे।
किसान नेता सरकार के साथ नौवीं दौर की बैठक के लिए विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं। उन्हें उम्मीद है कि आज की बैठक में कुछ सार्थक निकलकर सामने आएगा। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को कोई कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए सरकार को कोई तरीका निकालना होगा।
9वें दौर की वार्ता से पहले,''केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि,''हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किसानों के साथ चर्चा के माध्यम से कोई रास्ता निकल आए। आज कानूनों पर चर्चा होगी| भारत सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करती है और उच्चतम न्यायालय की बनाई समिति जब सरकार को बुलाएगी तो हम अपना पक्ष समिति के सामने रखेंगे। आज वार्ता की तारीख़ तय थी इसलिए किसानों के साथ हमारी वार्ता जारी है|
राहुल गांधी अभी भी उस सपने से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं जब ये रिमोट से सरकार चलाया करते थे, अगर आप गलतफहमी से बाहर नहीं निकलोगे तो आपको ऐसे ही कुंदबुद्धी और कुंठितबोध सुनाई देंगे: राहुल गांधी के बयान सरकार को 3 कानूनों को वापस लेना पड़ेगा पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी
9वें दौर की वार्ता से पहले,''भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि,''कानून संसद लेकर आई है और ये वहीं खत्म होंगे। कानून वापस लेने पड़ेंगे और MSP पर कानून लाना पड़ेगा|
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि,,''किसान यूनियन के नेता सुप्रीम कोर्ट से भी बड़े हो रहे हैं। मंत्री जी ने लगातार 8 दौर की वार्ता की, गृहमंत्री जी लगातार उनके संपर्क में हैं, प्रधानमंत्री जी ने भी आश्वासन दिया है, कोर्ट ने कानूनों पर रोक लगा दी है। यह उनकी जिद है वे इसे छोड़ें|
राकेश टिकैत (BKU) के 26 जनवरी को परेड वाले बयान पर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि,,''इसके बारे में मैं कुछ कह नहीं सकता यह उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है। हमारा तरीका क्या होगा, कहां तक जाएँगे, इसका रूट क्या होगा यह हम 18 जनवरी को विस्तार से चर्चा करके तय करेंगे|
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 51वें दिन भी जारी है।किसानों ने यहां अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के साथ होने वाली 9वें दौर की वार्ता के लिए किसान नेता सिंघु बॉर्डर से विज्ञान भवन के लिए रवाना हुए।
किसान आंदोलन पर जन्मदिन पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, अपने जन्मदिन के मौके पर मैं केंद्र सरकार से आग्रह करती हूं कि किसानों की सभी मांगों को मान लेना चाहिए जिसमें तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेना विशेष है। किसान अपने हित और अहित को अच्छी तरह से समझते हैं|
टिकरी बॉर्डर पर आज 51 वें दिन भी कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "सरकार के साथ हमारी पहले भी 8 बार बैठक हो चुकी है, जिसमें कोई हल नहीं निकला। किसानों को उम्मीद नहीं है कि इस बार भी बैठक में कुछ निकलेगा।"
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी से अपने अलग होने पर भारतीय किसान यूनियन के नेता भूपिंदर सिंह मान ने कहा,'आंदोलन और किसानों के हितों को देखते हुए मैं समझता हूं कि उसमें(कमेटी) जाने का कोई तुक नहीं है|जब उन्होंने(किसानों) कह दिया है कि हम कमेटी के सामने नहीं जाने वाले हैं तो कमेटी का कोई तुक नहीं रह जाता इसलिए मैंने कमेटी को छोड़ा है|
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि,''देश के अन्नदाता अपने अधिकार के लिए अहंकारी मोदी सरकार के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे हैं। आज पूरा भारत किसानों पर अत्याचार व पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के विरुद्ध आवाज बुलंद कर रहा है। आप भी जुड़िए और इस सत्याग्रह का हिस्सा बनिए।
-वहीं, कांग्रेस आज किसानों के समर्थन में देशभर में प्रदर्शन करेगी। दिल्ली में राहुल गांधी कांग्रेस के प्रदर्शन की कमान संभालेंगे। गुरुवार को राहुल गांधी तमिलनाडु के दौरे पर रहे थे।
-क्रांति किसान यूनियन के प्रमुख दर्शन पाल ने भी कहा कि हम बातचीत के लिए आज की बैठक में जाएंगे। बैठक में सरकार कैसे व्यवहार करेगी, इसके आधार पर हम तय करेंगे कि आगे क्या करना है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा कृषि कानूनों की समीक्षा के लिए बनाई गई समिति के सदस्य भूपिंदर सिंह मान के इस्तीफे को सही ठहराया।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि,'''26 जनवरी को किसान देश का सिर ऊंचा करेंगे। दुनिया की सबसे ऐतिहासिक परेड होगी। एक तरफ से जवान चलेगा और एक तरफ से किसान चलेगा। इंडिया गेट पर हमारे शहीदों की अमर ज्योति पर दोनों का मेल मिलाप होगा|