नई दिल्ली: दिल्ली-यूपी और दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना लगातार जारी है। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन आज 54वां दिन है| केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। अगली बैठक कल यानी मंगलवर को होगी। किसान संगठन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांगों पर अड़े हैं, मोदी सरकार पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। कड़ाके की ठंड में किसानों का आंदोलन जारी है।
Farmers Protest Updates
कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन के लिए गाज़ीपुर बॉर्डर पर गर्ल्स कबड्डी खेल आयोजित किया गया। एक खिलाड़ी ने बताया, "मैं नरेला से आई हूं, हम लोगों को यहां कबड्डी खेलकर बहुत अच्छा लगा। हम लोग यहां सिर्फ किसानों के सर्मथन के लिए आए हैं।"
कल भी हम सरकार से बात करेंगे लेकिन उम्मीद नहीं है कि कुछ हल निकलेगा। 26 जनवरी को हम दिल्ली की आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर रैली निकालेंगे, सरकार की जहां परेड होती है हम वहां नहीं जाएंगे: राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता
अलग-अलग चरणों में निरंतर चर्चा चल रही है चाहें वो MSP की बात हो या APMC एक्ट में संशोधन की बात हो। कल एक दौर की चर्चा और होनी है, मुझे उम्मीद है कि कल इसमें कुछ हल निकल सकता है: हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला
पंजाब: चंडीगढ-पंजाब बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला।
पंजाब: अमृतसर के भंडारी पुल पर कृषि से जुड़ी महिलाओं ने कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करके महिला किसान दिवस मनाया।
दिल्ली: किसान प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर रैली के लिए बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड से टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना हुए। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, "हम टिकरी बॉर्डर जा रहे हैं, टिकरी बॉर्डर पर ट्राली खड़ी करके हम 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड की तैयारी करेंगे।"
छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के सहयोग के लिए 'एक रुपया, एक पैली धान' अभियान में इकट्ठा किए गए 53 टन चावल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
किसान यूनियन के कुछ नेता चाहते हैं कि इसका समाधान हो। अगर यूनियन से कम्युनिस्ट निकल जाएं तो कल इसका समाधान हो जाएगा। कम्युनिस्ट, कांग्रेस और कुछ राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते कि इसका समाधान हो| शुरू में जब पहली बैठक हुई थी, तब उनके जो मुद्दे थे उन पर सरकार ने अमल करके उसमें संशोधन कर लिया है। उसके लिए लिखित में आश्वासन देने की बात भी हो चुकी है। कल इस मानसिकता के साथ बैठें कि कोई न कोई समाधान निकालना : केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी
गणतंत्र दिवस पर किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा।सुप्रीम कोर्ट गणतंत्र दिवस पर किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली पर दिल्ली पुलिस की याचिका पर भी सुनवाई करेगा।
केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन आज 54वां दिन है| केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। सरकार से नौ दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने अब 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर यात्रा की तैयारियां तेज कर दी हैं। कुंडली बॉर्डर पर कई जगह मैकेनिक स्टॉल लगाकर ट्रैक्टरों को रिपेयर कर रहे हैं। वहीं कई ट्रैक्टरों को सुरक्षा के लिहाज से अलग रूप दिया जा रहा है।
ट्रैक्टर यात्रा में शामिल होने वाले ट्रैक्टरों में केबिन लगवाए गए हैं, जिसमें शीशे भी लगे हैं। किसानों ने बताया कि यह ट्रैक्टर अग्रिम पंक्ति में चलेंगे जबकि इनके पीछे दूसरे सभी ट्रैक्टर चलेंगे। ट्रैक्टर यात्रा के दौरान सरकार द्वारा आंसू गैस व वाटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने की आशंका के कारण इस तरह की तैयारी की जा रही है।
लाठीचार्ज होने पर स्वयं को बचाने के लिए किसानों ने ट्रैक्टरों पर लोहे के जाल लगवाने शुरू कर दिए हैं। जिससे वह लाठियों से बच सके। इतना ही नहीं कुछ किसानों ने पूरे ट्रैक्टर पर लोहे के एंगल लगवा लिए हैं। जिससे लाठीचार्ज होने की स्थिति में उनका ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त होने से बच सके।
डीजल का किया जा रहा स्टॉक: किसानों ने बताया कि वह हर तरह से तैयार हैं और ट्रैक्टर यात्रा के लिए डीजल तक का स्टॉक कर रहे हैं। एक ट्रैक्टर पर 3 से 6 किसान ही मौजूद रहेंगे जबकि महिलाओं को भी ट्रैक्टर यात्रा में शामिल किया गया है। सभी रणनीति तैयार की जा चुकी हैं और हर रणनीति की बारीकियों से एक-दूसरे को अवगत करवाया जा रहा है।