नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्ण ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए बवाल के बाद दिल्ली में कड़ी सुरक्षा है| गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा में बुधवार की सुबह तक 22 मामले दर्ज किए जा चुके हैं| दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी है| गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा में 300 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं|
किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस ने अब तक 22 प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें से ईस्टर्न रेंज में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं, आज भी दिल्ली में कई रास्ते बंद हैं। किसान संगठन आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि बड़ी तादाद में किसान संसद मार्च नहीं करेंगे। चुनिंदा प्रतिनिधि अपनी मांगों का ज्ञापन लेकर पैदल मार्च करते हुए संसद तक जाएंगे
दिल्ली पुलिस ने कल की हिंसा को लेकर IPC की धारा 395 (डकैत), 397 (लूट या डकैत, मारने या चोट पहुंचाने की कोशिश), 120 बी (आपराधिक साजिश की सजा) और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। क्राइम ब्रांच द्वारा जांच की जाएगी| किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान कल दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के संबंध में FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि,''दिल्ली पुलिस की एफआईआर में (किसान ट्रैक्टर रैली के संबंध में एनओसी के उल्लंघन के लिए) किसान नेता दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, बूटा सिंह बुर्जगिल और जोगिंदर सिंह उग्रा के नाम है। FIR में BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का भी नाम है| दिल्ली पुलिस ने बताया कि,'' पुलिस ने कल शहर में किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में 200 लोगों को हिरासत में लिया। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा|
लाइव अपडेट
-दिल्ली में कल हुई हिंसा के बाद आज दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर किसानों के नाम पर आंदोलन कर रहे लोगों को हटाने, सड़के और सार्वजनिक स्थान खाली कराने, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को पद से हटाने, लाल किले पर जो पुलिस वाले अपनी ड्यूटी सही से नहीं निभा सके उन्हें हटाने की अपील की गई है।
किसान आंदोलन को पहले दिन से ही बदनाम करना शुरू किया गया। 70 करोड़ किसान जो मेहनत कर देश को अन्न देता है वह देशद्रोही है, इस तरह देशद्रोही बोलने की हिम्मत किसकी होती है, जो देशद्रोही होता है, वही किसानों को देशद्रोही बोलते हैं: अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह
-कल दिल्ली में ट्रैक्टर रैली काफी सफलतापूर्वक हुई। अगर कोई घटना घटी है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन ज़िम्मेदार रहा है। कोई लाल किले पर पहुंच जाए और पुलिस की एक गोली भी न चले। यह किसान संगठन को बदनाम करने की साजिश थी। किसान आंदोलन जारी रहेगा: राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन
-हम दिल्ली में गैर-क़ानूनी तरीके से किए गए आंदोलन और उस दौरान हिंसा और लाल किले पर फहराए गए झंडे को बड़ी गंभीरता से ले रहे हैं। हिंसा करने वालों की वीडियो हमारे पास है, विश्लेषण हो रहा है| पहचान की जा रही है, गिरफ़्तारियां की जाएंगी। अब तक 25 से ज्यादा मामले दर्ज़ किए गए हैं। कोई भी अपराधी जिसकी पहचान होती है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। जो किसान नेता इसमें शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: एस.एन. श्रीवास्तव, दिल्ली पुलिस आयुक्त
-जिन किसान नेताओं के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है उनमें मेधा पाटकर, बूटा सिंह का भी नाम है, इन्हें 26 जनवरी की हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। एफआईआर में इन पर सहमत रास्तों पर न जाने, समय का ध्यान न रखने रिपब्लिक डे परेड में व्यवधान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
-दिल्ली पुलिस ने अपनी एफआईआर में आईटीओ में हुई हिंसा का क्रमवार ब्योरा दिया है और ये भी बताया है कि कैसे पुलिस के बार-बार लाउड स्पीकर पर अनाउंस करने के बाद भी किसानों ने कानून व्यवस्था नहीं बनाए रखी और हिंसा करते हुए आगे बढ़ते रहे। इस एफआईआर ट्रैक्टर के उस एक्सीडेंट की भी बात है जिसमें एक किसान की मौत हो गई थी। बताया गया है कि ट्रैक्टर के हादसे के बाद पुलिसवालों ने ट्रैक्टर चालक को बचाने की भी कोशिश की लेकिन एक अन्य ट्रैैक्टर आया और उन्हें कुचलने की कोशिश की जिसके चलते पुलिसवालों को वहां से भागना पड़ा।
-दिल्ली में किसान भी छत्तीसगढ़ मॉडल की बात कर रहे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी हो यह मांग किसानों की हो, लेकिन केंद्र सरकार तैयार नहीं है। 3 काले क़ानून जो बनाए हैं उन्हें वापस लेने की बात है: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दिल्ली में किसान प्रदर्शन पर
-भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने चिल्ला बॉर्डर से अपना कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन को खत्म कर दिया है। जो ट्रैफिक यहां किसानों के प्रदर्शन के कारण बाधित हो रखा था, अब हम उसे सुचारू रूप से चलाने का प्रयास कर रहे हैं: ADCP, रणविजय सिंह, नोएडा, उत्तर प्रदेश
-जो किसान नेता आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे उनके खिलाफ केंद्र सरकार ने मुकदमे दर्ज़ किए। कल दिल्ली में जो हुआ वह केंद्र सरकार की साजिश थी: अभय चौटाला, INLD, इस्तीफा देने के बाद
-जो किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे थे उनका किसानों से कुछ लेना-देना नहीं था। वे अराजकता चाहते थे। उन्होंने 26 जनवरी को अराजकता कर शर्मसार किया: केंद्रीय मंत्री, मुख्तार अब्बास नक़वी
-दिल्ली में उपद्रव को रोकने में असफल रहे गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर दिल्ली पुलिस उन उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज़ करने की बजाय संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं पर मुकदमा दर्ज़ कर भाजपा सरकार की साजिश को साबित करती है: रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस
-किसान आंदोलन की आड़ में हुई हिंसा के लिए सीधे-सीधे गृह मंत्री अमित शाह ज़िम्मेदारी हैं। उन्हें एक पल भी अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ये मांग है: रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस
-कल दिल्ली में ट्रैक्टर परेड में ट्रैक्टर दुर्घटना में जिस किसान की मौत हुई उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। बरेली ADG अविनाश चंद्र ने बताया, "कल रात को मृत किसान के शव का पोस्टमार्टम हुआ जिसमें गोली लगने की पृष्टि नहीं हुई। ट्रैक्टर पलटने से उनको चोट लगी, जिससे उनकी मौत हुई।"
किसानों ने 15 लोगों को पकड़कर दिल्ली पुलिस को दिया है। उनके पास सरकारी मुलाजिम होने का पहचान पत्र मिला है। यह आंदोलन को गलत रास्ते पर दिखाने का षड्यंत्र था।लाल किले पर खालसा पंथ का झंडा नहीं था, पहले तिरंगा झंडा था उसके नीचे किसान यूनियन और खालसा का झंडा था: MP पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह
-कल 22 लोग हमारे अस्पताल में भर्ती हुए। जिसमें 12 पुलिसकर्मी थे, 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं बाकि प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज किए गए। ट्रॉमा सेंटर में 62 पुलिसकर्मी और 2 प्रदर्शनकारी भर्ती थे। ज़्यादातर डिस्चार्ज हो गए, 2 पुलिसकर्मी अभी भी भर्ती हैं: डॉ सुरेश कुमार,LNJP,दिल्ली
-मैंने आज संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के उच्च अधिकारियों के साथ लाल किले का भ्रमण किया। मैंने 2 निर्देश दिए है-तत्काल रिपोर्ट बनाई जाए और उसे गृह मंत्रालय को सौंपी जाए तथा तत्काल FIR दर्ज की जाए। रिपोर्ट आने के बाद बाकी चीज़े स्पष्ट हो सकेंगी: पर्यटन मंत्री
नजफगढ़ रोड पर हमने बैरिकेड से रास्ता रोका था। किसान प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर लेकर नजफगढ़ की तरफ से आए। उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिया और पथराव शुरू कर दिया। वे बहुत हिंसक थे और उनके पास हर तरह के हथियार थे। कई ने शराब भी पी थी: किसानों के हमले में घायल हुए मोहन गॉर्डन के SHO बलजीत सिंह
दिल्ली पुलिस की एफआईआर में (किसान ट्रैक्टर रैली के संबंध में एनओसी के उल्लंघन के लिए) किसान नेता दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, बूटा सिंह बुर्जगिल और जोगिंदर सिंह उग्रा के नाम है। FIR में BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का भी नाम है: दिल्ली पुलिस
-इस वक्त गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर दिल्ली हिंसा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक चल रही है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जानकारी दी है कि दिल्ली पुलिस आज शाम 4.00 प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कल हुई हिंसा को लेकर सभी सवालों के जवाब देगी। इस दौरान प्रकाश जावड़ेकर ने ये भी कहा कि सरकार ने ये कभी नहीं बोला कि किसानों के साथ बातचीत का स्कोप खत्म हो गया है।
ट्रैक्टर रैली खत्म हाेने के बाद यूपी गेट पर बैठे कई किसानाें ने अब अपने लंगर हटाने शुरू कर दिए हैं, जबकि हाईवे पर किसानों के लंगर और पंडालाें में भी किसानाें की संख्या कम हाे रही है। वहीं ऐसा ही हाल चिल्ला बॉर्डर का भी है, हालांकि यहां पर प्रदर्शनकारी कम नहीं हुए हैं बल्कि पुलिस कार्रवाई के डर से तितर-बितर हैं और अलग-अलग जगह बैठे हैं।
-दिल्ली: दिल्ली पुलिस की एक टीम जांच करने के लिए लाल किले पर पहुंची। दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी है।
हम लाल किले पर गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर थे। वहां एक उग्र भींड आई और उन्होंने अचानक लाठी-डंडे औ??? जो भी हथियार उनके पास थे उनसे हमला कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को बहुत मशक्कत करनी पड़ी: किसानों के हमले में घायल हुए DCP उत्तर के ऑपरेटर संदीप
दिल्ली पुलिस ने कल शहर में किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में 200 लोगों को हिरासत में लिया। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने कल की हिंसा को लेकर IPC की धारा 395 (डकैत), 397 (लूट या डकैत, मारने या चोट पहुंचाने की कोशिश), 120 बी (आपराधिक साजिश की सजा) और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। क्राइम ब्रांच द्वारा जांच की जाएगी| किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान कल दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के संबंध में FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।
जो भी उत्पात मचाया वह निंदनीय है। मुझे इसमें साजिशों की बू आती है। विपक्ष मुद्दा विहीन है। कांग्रेस तो कोई आंदोलन कर नहीं सकती। दूसरे के आंदोलन में हिस्सा लेने की कोशिश करती है। इससे विपक्ष का भला नहीं होने वाला है: किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा पर म.प्र. गृह मंत्री
मिंटो रोड ट्रैफिक मूवमेंट के लिए खुल गया है: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस
कल की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों से विनम्रता रखने और सरकार से कृषि कानून वापस लेने की बात कही है। राहुल ने ट्वीट किया, 'विनम्र तरीके से आप दुनिया हिला सकते हैं। -महात्मा गांधी....एक बार फिर मोदी सरकार से अपील है कि तुरंत कृषि-विरोधी कानून वापस लिए जाएं।'
दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के अंदर की तस्वीरें, जहां पर सीसीटीवी कैमरा टूटा हुआ है, सामान ज़मीन पर बिखरे हुए है और कांच के टुकड़े भी ज़मीन पर पड़े हुए दिखे। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कल किले के पोल पर चढ़कर अपना झंडा फहराया था।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर कल किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
-दिल्ली: केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने लाल किले का दौरा किया।
-किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश लगातार चल रही थी। हमें डर था कि कोई साजिश कामयाब न हो जाए मगर आखिर में साजिश कामयाब हो गई। लाल किले में बिना किसी सांठगांठ के कोई नहीं पहुंच सकता। इसके लिए किसानों को बदनाम करना ठीक नहीं है: अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह
भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि जो शंका थी वो सही साबित हुई। किसान संगठन बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे कि अनुशासन रहेगा कि हम जश्न में शामिल हो रहे हैं। यह जश्न था या गणतंत्र दिवस के दिन भारत पर हमला था? इन्होंने लाल किले को अपवित्र किया है। इस सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उकसाने का काम तो किसान संगठन के नेताओं ने किया। किसान संगठन का हर नेता सिर्फ भड़काने में लगा हुआ था। अब जब ये घटना घट गई तब वे तरह-तरह का ज्ञान दे रहे हैं
किसान मज़दूर संघर्ष समिति के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि,''हमारा कार्यक्रम दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर था वहां पर जाकर हम लोग वापस आ गए। हमारा न तो लाल किले का कार्यक्रम था, न ही झंडा फहराने का था। जिन लोगों ने ये काम किया हम उनकी निंदा करते हैं। जिसने भी ये काम किया वो दोषी है:
किसान मज़दूर संघर्ष समिति के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि,''दीप सिद्धू की फोटो PM के साथ भी आ रही है। हमें इन पर शक है। अब दीप सिद्धू जी किधर से लाल किले के पास गए और कहां से वापस आए। जिन लोगों ने ऐसा किया उन्हें चिंहित किया जाएगा। ये सब किसान मज़दूर को बदनाम करने के लिए किया गया है|
कोई पंधेर, पन्नू और दीप सिद्धू हैं ये तीन लोग जिन्हें अभी तक पंजाब वालों ने चिन्हित किया है जिन्होंने ये सारा कारनामा किया है। इनको बहुत बड़ी फंडिंग हुई है कि किसानों के आंदोलन को कैसे तबाह करना है। सरकार को ऐसे लोगों को कालकोठरियों में डाल देना चाहिए: रवनीत सिंह बिट्टू, कांग्रेस
-26 जनवरी को आंदोलनकारी किसानों द्वारा दिल्ली पुलिस पर हमला करने से 300 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए हैं: दिल्ली पुलिस
-आईटीओ में कल एडिशनल डीसीपी सेंट्रल के ऑपरेटर पर तलवार से हमला किया गया था: दिल्ली पुलिस
-टिकरी बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में 22 FIR दर्ज़ की गई हैं: दिल्ली पुलिस
-भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि बड़ी तादाद में किसान संसद मार्च नहीं करेंगे। किसान संगठनों के चुनिंदा प्रतिनिधि अपनी मांगों का ज्ञापन लेकर पैदल मार्च करते हुए संसद तक जाएंगे। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय आज संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में लिया जाएगा।
-जिसने झंडा फहराया वो कौन आदमी था? एक कौम को बदनाम करने की साज़िश पिछले 2 महीने से चल रही है। कुछ लोग को चिंहित किया गया है उन्हें आज ही यहां से जाना होगा। जो आदमी हिंसा में पाया जाएगा उसे स्थान छोड़ना पड़ेगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी: राकेश टिकैत,भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता
-दिल्ली: कल किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान आईटीओ इलाके में हुई हिंसा के बाद आज आईटीओ में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
-गाज़ियाबाद: दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर सुरक्षाबल तैनात हैं। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।
-देश की राजधानी दिल्ली में किसान रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट कर निंदा की है। बुधवार को मायावती ने ट्विट किया और लिखा कि देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह कतई भी नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए। साथ ही, बीएसपी की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।
-सिंघु बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसान विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
-दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के लाल किले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कल किले के पोल पर चढ़कर अपना झंडा फहराया।लाल किला मेट्रो स्टेशन के प्रवेश/ निकास द्वार बंद हैं। जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद हैं: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC)
लाल किला मेट्रो स्टेशन का प्रवेश द्वार बंद हैं। इस स्टेशन से बाहर निकलने की अनुमति है। अन्य सभी स्टेशन खुले हैं। सभी लाइनों पर सामान्य सेवाएं चल रही हैं: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन
-नई दिल्ली में सभी वीआईपी जगहों की सुरक्षा बढ़ाई गई। भारी संख्या में दिल्ली पुलिस ओर अर्ध सैनिक बल बल तैनात किया गया। एचएम व पीएम आवास की तरफ जाने वाले मार्गों पर विशेष नजर रखी जा रही है। नई दिल्ली में चौकसी बढ़ती जा रही है।