नई दिल्ली: गाजियाबाद जिला प्रशासन ने किसानों को यूपी गेट से धरना स्थल खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। हाइवे खाली करने के नोटिस मिलने के बाद भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरना स्थल से हटने से इनकार कर दिया है। राकेश टिकैत ने रोते हुए कहा कि कुछ लोग प्रशासन के साथ मिलकर साजिश कर रहे हैं। अब किसी भी हालत में ये आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने किसान भवन में हुई पंचायत में गॉजीपुर बार्डर पर चल रहे धरने को समाप्त करने की घोषणा कर कर दी थी। लेकिन देर रात गाजीपुर बॉर्डर पर हुए घटनाक्रम को लेकर उन्होंने अपनी घोषणा वापस ले ली। देर रात किसान भवन में फिर से आपातकालीन पंचायत बुलाई गई। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि अब आंदोलन जारी रहेगा।
यूपी गेट पर आंदोलन स्थल की बिजली काट दी गई साथ ही भारी पुलिस फोर्स की तैनाती है।धरने पर बैठे राकेश टिकैत की आंखों में आंसू आ गए। बोले कि किसान शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। लेकिन सरकार किसानों के खिलाफ साजिश कर उनकी आवाज दबा रही है। सरकार भले आंदोलन का बिजली पानी काट दे, अब आसपास के गांवों से ही उनके लिए पानी आएगा।।
यूपी गेट पर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने धारा-144 लगा दी है। कानून व्यवस्था खराब न हो इसके लिए गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी जिला मस्जिट्रेट, पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि जहां भी प्रदर्शन चल रहा है वहां से धरना स्थल खाली कराया जाए। इसके बाद से ही यूपी गेट पर पुलिस संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया और धरना स्थल खाली करने का नोटिस थमाया गया।
लाइव अपडेट
-समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा ,''आज जिस तरह छल-बल का प्रयोग कर भाजपा सरकार किसानों के आंदोलन को कुचल रही है, उससे किसानों के साथ-साथ हर सच्चे भारतीय की आत्मा रो रही है। किसान अगले चुनाव में सरकार की क्रूरता का जवाब वोट से देंगे। आज भाजपा जिन किसानों को सड़क से उठा रही है, वो कल भाजपा को ही सड़क पर ले आएंगे।
- सिसौली में देर रात हुई किसानों की पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में महापंचायत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसी भी किसान के साथ यदि कोई घटना हुई तो इसके बाद हालात की जिम्मेदार केंद्र और राज्य सरकार होगी।
-मुजफ्फरनगर से किसान गाजीपुर बॉर्डर पर जा सकते हैं। इसकी आशंका को देखते हुए सिवाया टोल पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
-केंद्र ने किसानों के विरोध के मद्देनजर गाजियाबाद में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 4 कंपनियों की तैनाती की अवधि 4 फरवरी तक बढ़ा दी है। उनकी तैनाती 28 जनवरी तक थी।
-कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने ट्वीट कर कहा,'' लोकतंत्र सबको अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाने की इजाजत देता है। जिस तरह भाजपा शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों के साथ पेश आ रही है, वो गलत है। हम किसानों के साथ हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' कल आधी रात में लाठी से किसान आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की। आज गाजीपुर, सिंघु बॉर्डर पर किसानों को धमकाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के हर नियम के विपरीत है। कांग्रेस किसानों के साथ इस संघर्ष में खड़ी रहेगी। किसान देश का हित हैं। जो उन्हें तोड़ना चाहते हैं- वे देशद्रोही हैं। हिंसक तत्वों पर सख्त कार्यवाही की जाए लेकिन जो किसान शांति से महीनो से संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ देश की जनता की पूरी शक्ति खड़ी है।
-तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार और किसानों की कई दौर की वार्ता चल रही है लेकिन नतीजा नहीं निकल रहा है। यह दर्शाता है कि सरकार किसानों पर अपनी बात थोपना चाहती है। किसान आंदोलन को पहले दिन से ही बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
-कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, 'एक साइड चुनने का समय है। मेरा फैसला साफ है। मैं लोकतंत्र के साथ हूं, मैं किसानों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूं।
-लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने विधायक नंदकिशोर गुर्जर को मनाकर वापस भेज दिया है। विधायक ने बताया अगर रविवार तक सभी देशद्रोही बॉर्डर से नहीं उठे तो वह खुद बॉर्डर खाली कराएंगे।
-पुलिस ने बुराड़ी स्थित निरंकारी ग्राउंड भी खाली करवा लिया। पिछले करीब दो माह से यहां कुछ किसान धरने पर बैठे थे। आंदोलन शुरूआत के समय पुलिस के कहने पर ही यह किसान सड़कों को छोड़कर यहां आए थे। पुलिस के आदेश के बाद किसान यहां से सिंघु बॉर्डर शिफ्ट हो गए। वहीं पुलिस ने 26 जनवरी को हिंसा करने के शक में यहां से करीब 15 किसानों को हिरासत में लिया। पुलिस इनसे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
-राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए और कहा कि यदि कृषि कानून वापस नहीं हुए तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। उन्होंने कहा कि देश के किसानों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है।
-योगी सरकार ने सभी डीएम और एसएसपी (DMs and SSPs) सख्त आदेश देते हुए कहा,''राज्य में हो रहे सभी किसान आंदोलन समाप्त कराये|उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकार ने कहा,''उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी डीएम और एसएसपी को आदेश दिया है कि वे राज्य में सभी किसान आंदोलन समाप्त कराये|
कल मैं उच्च अधिकारियों के साथ लाल किले गया था। कल देर तक रिपोर्ट आई थी, उस रिपोर्ट के आधार पर अब FIR की प्रक्रिया चल रही है। काफी चीजों को हिंसा के द्वारा नुकसान पहुंचाया गया है। मैं विश्वास करता हूं कि पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी: केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल
-जब तक सरकार से बात नहीं होगी धरणा प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। जब तक गांव के लोग ट्रैक्टरों से पानी नहीं लाएंगे, पानी नहीं पीऊंगा। प्रशासन ने पानी हटा दिया, बिजली काट दी, सारी सुविधा हटा दी: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, गाज़ीपुर बॉर्डर से
-हम धरना तो समाप्त कर देंगे। धरना स्थल (गाज़ीपुर बॉर्डर) पर पानी, बिजली अन्य सुविधाएं बंद कर दिए गए हैं। अब हम वहां क्या करेंगे? उठ ही जाएंगे: भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत
-गाजियाबाद एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने गाजीपुर बॉर्डर पर कहा किसानों को सीआरपीसी की धारा 133 (conditional order for removal of nuisance) के तहत नोटिस भेजा गया है|
-26 जनवरी की हिंसा के संबंध में दिल्ली के कई पुलिस स्टेशनों पर 33 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उनमें से नौ को अपराध शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस मामले में किसान नेताओं सहित 44 लोगों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है: दिल्ली पुलिस
-जबरदस्ती से किसान आंदोलन बंद नहीं होगा। जब तक सांस चलेगी तब तक लड़ेंगे। अभी हमारी कोई योजना नहीं है। अभी हम मीटिंग करेंगे। पता नहीं सरकार क्या-क्या षड्यंत्र करती है: किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी
-यूपी गेट पर धरना स्थल को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा किसानों को अल्टीमेटम दे दिया गया है। आज रात तक धरना स्थल हो सकता है खाली। जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडेय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर उपस्थित हैं। धरना स्थल को खाली कराने की जिला प्रशासन के द्वारा पूरी तैयारी की गई है।
-AAP की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में किसानों पर चर्चा की गई। किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए साज़िश के तहत हरकते कराई गई। 26 जनवरी को दिल्ली में हिंसा के गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसानों की मांगें अभी तक मानी नहीं गई हैं: दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
यूपी गेट पर गाजियाबाद जिले के सभी थानों से बुलाई गई फोर्स: यूपी गेट पर गाजियाबाद जिले के सभी थानों से फोर्स बुला ली गई है। जिला प्रशासन ने किसानों को यूपी गेट खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। पुलिस यूपी गेट पर ड्रोन कैमरे से निगरानी कर रही है। साथ ही यूपी गेट पर कुछ लोग पहुंचे हैं, जो हमारी बॉर्डर खाली करो के नारे लगा रहे हैं।
-दिल्ली हिंसा के मामले में देशद्रोह का केस दर्ज होगा और आरोपियों पर यूएपीए के तहत कार्रवाई की जाएगी|
30 जनवरी से अन्ना हजारे किसानों की मांगों को लेकर करें विरोध प्रदर्शन: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का कहना है कि वह 30 जनवरी से महाराष्ट्र के अहमदनगर में रालेगण सिद्धि में किसानों से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। समर्थकों से अपने-अपने स्थानों पर विरोध करने का आग्रह किया गया है।
-गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली और यूपी की पुलिस पहुंच गई है| पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों से आज सड़क खाली करने को कहा है|राकेश टिकैत समेत तमाम लोगों से बातचीत हो रही है| मंच से राकेश टिकैत ने कहा कि अगर पुलिस हमें गिरफ्तार करती है तो हम शांतिपूर्ण गिरफ्तारी दे सकते हैं| बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की वॉटर सप्लाई काट दी गई है| पुलिस ने यहां लगाए गए पोर्टेबल टॉयलेट भी हटाने शुरू कर दिए हैं|
-दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव पुलिस मुख्यालय में विशेष पुलिस आयुक्त (खुफिया) और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की हैं।
-क???ई वहां जाता है और झंडा फहराता है, कोई फायरिंग क्यों नहीं की गई? पुलिस कहां थी? वह वहां कैसे गया? पुलिस ने उसे छोड़ने की अनुमति दी और उसे गिरफ्तार नहीं किया। अभी भी कुछ नहीं किया गया है। वह व्यक्ति कौन था जिसने एक पूरे समुदाय और संगठन को बदनाम किया। मैं नोटिस पढ़ूंगा, उन्होंने मुझे जवाब के लिए 3 दिन का समय दिया है ... किसान यूनियनों की जिम्मेदारी के रूप में यहां आए और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी ली। हमें लिखित में दिए गए मार्ग का फोटो खींचा था। पुलिस ने इसे रोक दिया और दिल्ली के लिए मार्ग मुक्त रखा: राकेश टिकैत
-शिरोमणि अकाली दल ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में कल संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेगी: शिरोमणि अकाली दल सांसद बलविंदर सिंह भुंडर
-कांग्रेस, NCP, JK नेशनल कॉन्फ्रेंस, DMK, AITC, शिवसेना, समाजवादी पार्टी, RJD, CPI (M), CPI, IUML, RSP, PDP, MDMK, केरल कांग्रेस (M और AIUDF) संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगे। संयुक्त बयान के अनुसार, तीन कृषि कानूनों के विरोध में कल
-दिल्ली पुलिस आयुक्त एस.एन. श्रीवास्तव ने दिल्ली पुलिस कर्मियों को पत्र में लिखा कि 26 जनवरी को किसान आंदोलन के हिंसक हो जाने पर आपने अत्यंत संयम और सूझबूझ का परिचय दिया... मैं आपके संयम और धैर्य के लिए धन्यवाद देता हूं।
-प्रदर्शनकारियों को दूसरी तरफ से सड़क के एक तरफ आने से रोकने के लिए सिंघू बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर जगह-जगह पुलिस बैरिकेडिंग की गई है।
-पश्चिम बंगाल की विधानसभा में जो दो दिन का अधिवेशन हुआ हैं उसमें कृषि क़ानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने वाला है। यह बहुत निंदनीय है। राज्यपाल को आमंत्रण नहीं दिया गया। TMC लोकतंत्र को नहीं मानती है। ऐसी पार्टी हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक है: दिलीप घोष, बंगाल भाजपा अध्यक्ष
-26 जनवरी को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद कुछ किसान संगठनों ने स्वेच्छा से चिल्ला बाॅर्डर,दलित प्रेरणा स्थल से आंदोलन वापस ले लिया। बागपत में लोगों को समझाने के बाद उन्होंने रात में धरना खत्म कर दिया। UP गेट पर अभी कुछ लोग हैं, उनकी संख्या काफी कम हुई हैः ADG(कानून-व्यवस्था), UP
-अगर दिल्ली पुलिस हिंसा के संबंध में हमारी मदद मांगती है (26 जनवरी को) तो हम उनकी मदद करेंगे। हम ऐसे किसी भी तत्व की अनुमति नहीं देंगे - जिसने हमारे राज्य में ऐसा किया हो। लोगों ने हमें आश्वासन दिया है कि वे किसी भी उपद्रवी तत्व को आश्रय नहीं देंगे:ADG(कानून-व्यवस्था), UP
-कुछ लोग अभी भी यूपी गेट पर मौजूद हैं। वार्ता चल रही है, हमने उपद्रवी और राष्ट्र-विरोधी तत्वों की तलाश के लिए स्पॉटर्स तैनात किए हैं ताकि वे यूपी में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में घुसपैठ न करें। हम किसान से बात करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि विरोध को जल्द से जल्द बंद किया जाए: ADG(कानून-व्यवस्था), UP
-हम लोग तीन कृषि कानूनों का विरोध करते रहे हैं और करते रहेंगे। इसलिए आम आदमी पार्टी महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेगी और हमारे लोकसभा के सांसद भगवंत मान और राज्य सभा के हम तीन सांसद कल राष्ट्रपति के अभिभाषण कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे: संजय सिंह, AAP
-16 राजनीतिक दलों के तरफ से हम आज बयान जारी कर रहे हैं कि कल संसद में माननीय राष्ट्रपति का जो अभिभाषण है हम उसका बहिष्कार करते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है कि सरकार ने किसानों की मर्ज़ी के बिना ये 3 बिल जबरदस्ती पास किए थे: गुलाम नबी आज़ाद, कांग्रेस
-जो हुआ बहुत गलत हुआ, सरकार कार्रवाई कर रही है। दोनों पुलिसकर्मियों की हालत ठीक है उन्होंने मुझ से बात कीः सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में घायल पुलिस कर्मियों से मिलने के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल
-दिल्लीः उपराज्यपाल अनिल बैजल 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों से सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में मुलाकात की।
-दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिविल लाइन के तीरथराम शाह अस्पताल में 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों से मुलाकात की।
-दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों से मुलाकात की।
-दिल्ली पुलिस ने किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कियाः दिल्ली पुलिस
-ज़्यादातर किसान बिल की डिटेल को नहीं समझते हैं, अगर वो इसे समझेंगे तो पूरे देश में आंदोलन शुरू हो जाएंगे: केरल के वायनाड में कांग्रेस नेता राहुल गांधी
-कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 64वें दिन भी जारी है।
-दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली को लेकर पुलिस के साथ हुए समझौते को तोड़ने के लिए योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर एस.राजेवाल समेत कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किया है। उन्हें 3 दिनों में जवाब देने के लिए कहा गया हैः दिल्ली पुलिस
-सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षाबल तैनात है। कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।
-टिकरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात है। कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है
-दिल्ली: लाल किले पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात है। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने 26 जनवरी को लाल किले के पोल पर चढ़कर अपना झंडा फहराया था।
-जिन किसान संगठनों ने हिंसा के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया है वह अच्छी बात नहीं है। कल की हिंसा के बाद किसान आंदोलन को झटका लगा है। हम आत्मचिंतन करेंगे। अब हमें लोगों को दोबारा से इकट्ठा करना पड़ेगा। 26 जनवरी को जो हुआ उसकी हमने नैतिक ज़िम्मेदारी ली है: दर्शन पाल सिंह, किसान नेता