नई दिल्ली: दिल्ली-यूपी और दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना लगातार जारी है। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन आज 55-56वां दिन है| इस बीच आज अन्नदाताओं और सरकार के बीच जो 10वें दौर की वार्ता होने वाली थी वह अब कल होगी। वहीं आज कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की पहली बैठक हुई।
बैठक के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के सदस्य अनिल घनवट ने कहा,''यह निर्णय लिया गया है कि किसानों के साथ पहली बैठक 21 जनवरी को होगी। Physical बैठक उन संगठनों के साथ आयोजित की जाएगी जो हमें व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उन लोगों के साथ आयोजित की जाएगी जो हमारे पास नहीं आ सकते हैं|
अनिल घनवट ने कहा,''हमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि हमें सभी किसान संगठनों (जो कानूनों का समर्थन कर रहे हैं और जो कानूनों का विरोध कर रहे हैं), हितधारकों को सुनना है और रिपोर्ट तैयार करके सुप्रीम कोर्ट को भेजनी है| घनवट ने कहा,''आज की बैठक में तय हुआ है कि किसानों के साथ पहली बैठक 21 जनवरी को सुबह 11 बजे होगी। जो किसान संगठन बैठक में नहीं आ सकते हैं हम उनका मत वीडियो कांफ्रेंसिंग से जानेंगे|
घनवट ने कहा,''अगर सरकार हमारे साथ आना और बोलना चाहती है, तो हम उसका स्वागत करते हैं। हम सरकार को भी सुनेंगे। सबसे बड़ी चुनौती आंदोलनकारी किसानों को समझाने और हमारे साथ बात करने की है, हम अपने स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे|