नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 2021 लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को शर्तों के साथ 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को अपनी लोकेशन के बारे में कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि आशीष मिश्रा या उनके परिवार द्वारा गवाहों को प्रभावित करने और मुकदमे में देरी करने की कोशिश करने पर उनकी जमानत रद्द हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को इस शर्त पर अंतरिम जमानत दी है कि वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश में नहीं रहेंगे और जमानत पर रिहा होने के एक सप्ताह बाद वह उत्तर प्रदेश छोड़ देंगे।
“गंभीर और जघन्य अपराध”: यूपी सरकार ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का विरोध किया
पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया था, जो लखीमपुर खीरी हिंसा मामले का मुख्य आरोपी है | उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने गुरुवार, 19 जनवरी 2023 को न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी की पीठ को बताया कि "अपराध गंभीर है"। उन्होंने कहा मुख्य, "यह एक गंभीर और जघन्य अपराध है और इससे समाज में गलत संदेश जाएगा।"
लखीमपुर खीरी में क्या हुआ था ?
बता दें कि तीन अक्टूबर 2021 में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में किसान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।
'सोची समझी साजिश' के तहत किसानों को गाड़ी से कुचला गया था: SIT
इसी दौरान आशीष मिश्रा की कार ने विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को रौंद दिया, जिसमें चार किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एसयूवी सवार लोगों पर हमला कर दिया था, जिसमें कार के ड्राइवर और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी। हिंसा के दौरान एक पत्रकार की मौत समेत इस मामले में कुल आठ लोगों की जान गई थी।
आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाते हुए एसआईटी ने दाखिल की थी 5000 पन्नों की चार्जशीट
आशीष मिश्रा इस मामले में मुख्य आरोपी है। आशीष मिश्रा ने जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि पीड़ित पक्ष को पर्याप्त मौका देकर ही हाईकोर्ट जमानत याचिका पर फैसला सुनाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने फिर से मामले पर सुनवाई की और आशीष मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इस पर आशीष मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जहां से अब आशीष मिश्रा को आठ हफ्ते की सशर्त जमानत मिल गई है।