नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हुए पेशाब कांड के पीड़ित आदिवासी दशमत रावत को सीएम शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री आवास बुलाकर उसके पैर धोए और उससे हालचल भी पूछे। चौहान ने कहा कि वह इस घटना से दुखी हैं. इसको लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने गुरुवार को तीखी टिप्पणी करते हुए इसे नाटकबाजी व चुनावी स्वार्थ की राजनीति बताया है।
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि,''मध्यप्रदेश के सीएम द्वारा सीधी ज़िले के पेशाब काण्ड के पीड़ित आदिवासी युवक को लगभग 600 किलोमीटर दूर भोपाल बुलाकर सीएम हाऊस में कैमरा के घेरे में उसके पैर धोना सरकारी पश्चाताप कम तथा इनकी नाटकबाजी व चुनावी स्वार्थ की राजनीति ज्यादा लगती है।
दरअसल,''मंगलवार को बीजेपी नेता प्रवेश शुक्ला का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें प्रवेश शुक्ला ,दशमत रावत नामक आदिवासी व्यक्ति पर पेशाब करते नजर आ रहा था। वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आरोपी पर शख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे और एनएसए लगाने की बात कही थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एनएसए के तहत केस दर्ज किया था।
वहीं आज ,गुरुवार को सीएम शिवराज ने पीड़ित को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर उससे बातचीत कर हालचाल जाना था। शिवराज ने ट्वीट कर कहा कि ,''मन दु:खी है; दशमत जी आपकी पीड़ा बाँटने का यह प्रयास है, आपसे माफी भी माँगता हूँ, मेरे लिए जनता ही भगवान है!
इस मामले में बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि,मध्यप्रदेश के सीएम द्वारा सीधी ज़िले के पेशाबकाण्ड के पीड़ित आदिवासी युवक को लगभग 600 किलोमीटर दूर भोपाल बुलाकर सीएम हाऊस में कैमरा के घेरे में उसके पैर धोना सरकारी पश्चाताप कम तथा इनकी नाटकबाजी व चुनावी स्वार्थ की राजनीति ज्यादा लगती है। ऐसा नुमाइशी कार्य क्या उचित?
मायावती ने कहा कि,''चूँकि मध्यप्रदेश में विधानसभा का आमचुनाव निकट है, इसलिए सरकार की ऐसी बेचैनी स्वाभाविक। किन्तु पूरे राज्य में खासकर एससी, एसटी, अतिपिछड़े व मुस्लिम समाज के साथ ही सर्वसमाज के लोगों का महंगाई व बेरोजगारी आदि से इनका जीवन जितना त्रस्त हुआ है उसका हिसाब वे जरूर ही माँगेगे।