नई दिल्ली: राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए भाषण पर कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि,''आज अध्यक्षीय भाषण पर प्रधानमंत्री जी का जो जवाब आया, उसमें हम यह अपेक्षा करते थे कि यह जो तीन काले कानून आप लेकर आए हैं, जिसके लिए देश के किसान धरने पर हैं, आप पुनर्विचार करके उसमें सुधार करेंगे लेकिन आपने कोई जिक्र नहीं किया|
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि,आपने बस इतना कहा कि इन तीन कानून में क्या है...? किसी को मालूम नहीं है। चूंकि लोग आंदोलन कर रहे हैं। ऐसा कभी हो सकता है, वहाँ पर जो इतने एक्स्पर्ट रहते हैं और संसद में भी विपक्ष के लोग भी इस कानून के बारे में जानते हैं| इन तीन क़ानूनों के बारे में कांग्रेस पार्टी ने भी पहले सभी को बताया है। इसके बावजूद भी प्रधानमंत्री जी ने इसे नज़रअंदाज़ किया है|
उन्होंने कहा,'इनको लगता है कि ये जो कर रहे हैं वही ठीक है। केवल अपनी ही बात बोलते रहते हैं यही ठीक है और लोगों को भ्रमित कर रहे हैं कि कानून में क्या है किसी को मालूम नहीं| प्रधानमंत्री जी के आज के भाषण का कोई तथ्य नहीं है। हमेशा की तरह अपनी राजनीति के लिए जो तर्क देते हैं वैसे ही करके चले गए|
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि,''हम सभी को लगा था यह जो आंदोलन चल रहा है उस बारे में प्रधानमंत्री जी कुछ न कुछ बोलेंगे लेकिन वो कुछ नहीं बोले और अपनी बात रख कर चल गए। इसलिए ऐसी चीजों की हम निंदा करते हैं| उन्होंने कहा,'''हमें यह मालूम है कि कितने छोटे किसान हैं, कितने मध्यम वर्ग के किसान हैं, लेकिन आपने क्या किया यह महत्वपूर्ण है। संसद में जो बात की गयी उसका कोई समाधान कारक नहीं था। केवल गुमराह करने की बात कह कर चले गए|
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि,''किसान चाहते हैं कि MSP की गांरटी एक्ट में हो। जब मोदी साहब गुजरात के मुख्यमंत्री थे और कमेटी के अध्यक्ष थे उस वक्त उन्होंने ही लिखित में कहा था कि किसानों को MSP लिखित में मिलनी चाहिए। आज वे क्यों नहीं दे रहे हैं|
कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि,'किसानों की जिस तरह से लड़ते-लड़ते शहीदी हो रही है, सिर्फ देश ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय निगाहें लगी हुई थी कि प्रधानमंत्री जी कुछ बोलेंगे और वहाँ से कुछ न कुछ हल निकलेगा|
कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि,प्रधानमंत्री जी की जिम्मेवार कुर्सी से बहुत बड़ी उम्मीदें थी लेकिन दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है जिस तरह से उन्होंने आज जवाब दिया है, शर्म आती है हर देशवासी को कि क्या प्रधानमंत्री की कुर्सी से ऐसा मज़ाकियापन अच्छा लगता है| देश के इतने किसान जो इतने दर्द के साथ वहाँ बैठे हैं। सबका साथ मांगा, सबने दिया लेकिन आज प्रधानमंत्री जी ने सबके साथ विश्वासघात किया है। इतने शहीद हुए किसानों पर श्रद्धांजलि के दो शब्द ही तो चाहते थे हम|
शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि,''चीन के बार्डर पर हमारे बिहार के 20 जवान शहीद हुए लेकिन चीन का नाम तक नहीं लिया हमारे प्रधानमंत्री जी ने। मेरा जवान शहीद होता है और तुम चीन का एक एप बंद करके सोचते कि बदला ले लिया| गरीब के लिए कोई छोटी सी बात नहीं हुई, आम देशवासी के लिए कोई चिंता व्यक्त नहीं की और विपक्ष पर प्रहार करते हो। हम चर्चा करने के लिए तैयार हैं लेकिन आप नहीं करते हैं|
शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि,''''जब प्रधानमंत्री जी ने अपना भाषण सुनाया जिसमें किसान, चीन और आम देशवासी को लेकर कोई गंभीरता नहीं थी तो इसकी वजह से कांग्रेस पार्टी ने और विरोधी पार्टियों ने वॉकआउट करने का फैसला किया था और वॉकआउट किया |
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि,''राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री का जो वक्तव्य रहा; उसको लेकर देश के किसान के हाथ सिर्फ निराशा लगी है| दुर्भाग्य है कि ये सरकार स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ पा रही है। जिस तरीके से आज देश का किसान जाति, धर्म, क्षेत्र के बंधनों को तोड़ते हुये सरकार के दरवाजे पर पहुंचा हुआ है| इस सरकार ने जिस तरीके से किसान के संघर्ष को, उसके आंदोलन को नकारने का काम किया है; वो अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, निराशाजनक |