नई दिल्ली: 26 को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा मामले में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं| इस मामले में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है| राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के एक दिन बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से आज पत्रकारों से बात की गयी
कल किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में मीडिया को संबोधित करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि, दिल्ली के लोगों की सुरक्षा के हितों को ध्यान में रखते हुए, यह निर्णय लिया गया कि कुछ नियम और शर्तें लागू की गई हैं, यह उन्हें लिखित रूप में दिया गया था - रैली दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, इसका नेतृत्व किसान नेताओं को करना था और नेताओं को अपने समूहों के साथ होना चाहिए|
उन्होंने कहा कि,यह भी उन्हें लिखित में दिया गया था कि 5000 से अधिक ट्रैक्टर (रैली में) नहीं होने चाहिए और उनके साथ कोई हथियार नहीं होना चाहिए|
दिल्ली पुलिस आयुक्त एस.एन. श्रीवास्तव ने कहा कि,'2 जनवरी को दिल्ली पुलिस को ज्ञात हुआ कि किसान 26 को ट्रैक्टर रैली करने जा रहे है। हमने किसानों से कहा कि कुंडली, मानेसर, पलवल पर ट्रैक्टर मार्च निकाले। लेकिन किसान दिल्ली में ही ट्रैक्टर रैली निकालने पर अडिग रहे|उन्होंने कहा कि,किसानों ने कल पुलिस के द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुलिस बैरिकेड तोड़कर हिंसक घटनाएं की। कुल मिलाकर 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और कुछ पुलिसकर्मी ICU में भी है|
एस.एन. श्रीवास्तव ने कहा कि,हम दिल्ली में गैर-क़ानूनी तरीके से किए गए आंदोलन और उस दौरान हिंसा और लाल किले पर फहराए गए झंडे को बड़ी गंभीरता से ले रहे हैं। हिंसा करने वालों की वीडियो हमारे पास है, विश्लेषण हो रहा है| गाजीपुर में किसान नेता राकेश टिकैत के साथ जो किसान मौजूद थे उन्होंने भी हिंसा की घटना को अंजाम दिया और आगे बढ़कर अक्षरधाम गए, हालांकि पुलिस द्वारा कुछ किसानों को वापस भेजा गया लेकिन कुछ किसानों ने पुलिस बैरिकेड तोड़े और लाल किले पहुंचे
उन्होंने कहा कि,''पहचान की जा रही है, गिरफ़्तारियां की जाएंगी।अब तक 25 से ज्यादा मामले दर्ज़ किए गए हैं। कोई भी अपराधी जिसकी पहचान होती है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। जो किसान नेता इसमें शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी|
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने कहा कि, 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है | श्रीवास्तव ने कहा कि,25 जनवरी की देर शाम तक, यह सामने आया कि वे (किसान) अपनी बात नहीं रख रहे थे। वे आक्रामक और उग्रवादी तत्वों को सामने लाए जिन्होंने मंच पर कब्जा कर लिया और उत्तेजक भाषण दिए जिससे उनके इरादे स्पष्ट हो गए|
वहीँ,''दिल्ली में कल हुई हिंसा के बाद आज दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर किसानों के नाम पर आंदोलन कर रहे लोगों को हटाने, सड़के और सार्वजनिक स्थान खाली कराने, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को पद से हटाने, लाल किले पर जो पुलिस वाले अपनी ड्यूटी सही से नहीं निभा सके उन्हें हटाने की अपील की गई है।