नई दिल्ली: राज्यसभा से सोमवार को निलंबित किए गए आठ सांसदों के समर्थन में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार एक दिन के उपवास पर गए हैं| NCP चीफ शरद पवार ने कहा कि,''मैं भी उनके (आठ निलंबित राज्यसभा सांसदों) आंदोलन में हिस्सा लूंगा और उनके समर्थन में एक दिन क??? उपवास रखूंगा|
उधर,''राज्यसभा से सोमवार को निलंबित किए गए आठ सांसदों के निलंबन को वापस लेने की गुज़ारिश के साथ विपक्ष ने मंगलवार को राज्यसभा का बहिष्कार करने को लेकर ऐलान कर दिया है| राज्यसभा के सभापति ने सोमवार को उपसभापति के साथ दुर्व्यवहार करने वाले आठ सांसदों को संसद के पूरे सत्र से निलंबित कर दिया। निलंबन के विरोध में सांसदों ने रातभर संसद परिसर में धरना दिया।
NCP चीफ शरद पवार मंगलवार को मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने पहुंचे थे| मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से राज्यसभा में चल रहे हंगामे पर भी बयान दिया| उन्होने कहा कि 'किसान बिल पर राज्यसभा में चर्चा होनी थी|वो (केंद्र सरकार) बिल जल्द से जल्द पास कराना चाहती थी|सदस्यों के पास बिल पर कुछ सवाल थे| पहली नज़र में लगता है कि सरकार बहस नहीं कराना चाहती थी| जब सदस्यों को कोई जवाब नहीं मिला तो वो वेल में आ गए| वो जानना चाहते थे कि उपसभापति किस नियम के तहत कार्यवाही कर रहे थे| बिल पास कराने के लिए ध्वनि मत का इस्तेमाल किया गया और इसे पास कर दिया गया, जिसके खिलाफ प्रतिक्रिया देखी गई|
पवार ने कहा कि 'मैंने कभी कोई बिल इस तरीके से पास होते हुए नहीं देखा है| इन सांसदों को अपना विचार रखने के लिए निलंबित कर दिया गया| उपसभापति ने नियमों को प्राथमिकता नहीं दी| उन्होंने आगे कहा, 'उनके प्रदर्शन के दौरान वो उन्हें चाय देने के लिए आए| इन सासंदों के अधिकार छीने जा रहे हैं|मैं उनके साथ एका दिखाने के लिए आज कुछ नहीं खाऊंगा|मैं भी सदन का सदस्य हूं,''मैं उनके साथ खड़ा हूं|
विपक्षी नेताओं ने राज्यसभा से वॉक-आउट किया| राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आठ सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए। उन्होंने कहा, 'हमारी मांग है कि आठ सांसदों के निलंबन को वापस लिया जाए और सरकार दूसरा विधेयक लाए। जिसके तहत कोई भी निजी कंपनी एमएसपी से नीचे किसानों की उपज को न खरीद सके। जब तक हमारी ये मांगे पूरी नहीं हो जाती विपक्ष सत्र का बहिष्कार करेगा। कांग्रेस सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेगी।'
LoP और राज्यसभा MP गुलाम नबी आज़ाद ने कहा,''पिछले दो दिनों में जो सदन में हुआ मुझे नहीं लगता कि उससे कोई भी खुश है...करोड़ों लोगों को जो रिप्रेजेंट करते हैं उन्हें करोड़ों लोग देखते हैं। जो लक्ष्य है यहां आने का वो तो पूरा होना चाहिए|जब तक हमारे सांसदों के संस्पेंशन को वापिस नहीं लिया जाता और किसान के बिलों से संबंधित हमारी मांगों को नहीं माना जाता विपक्ष सत्र से बायकॉट करती है|
कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'हम संसद सत्र का बहिष्कार करेंगे जब तक कि सरकार हमारी तीन मांगों को स्वीकार नहीं करती है। पहली- सरकार दूसरा विधेयक लेकर आए जिसके तहत कोई भी निजी कंपनी एमएसपी से नीचे खरीद न कर सके, दूसरी- एमएसपी को स्वामीनाथन आयोग द्वारा अनुशंसित फार्मूले के तहत तय किया जाना चाहिए और तीसरी- एफसीआई जैसी सरकारी एजेंसियां एमएसपी से नीचे फसल नहीं खरीदेंगी।'
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा,मैंने न केवल सांसदों की सदन वापसी की मांग की बल्कि मैंने विपक्ष की तरफ से माफी भी मांगी। लेकिन मेरी माफी के बदले कोई रिस्पांस नहीं दिया गया इससे मुझे बहुत कष्ट हुआ। इसलिए मैं और मेरी पूरी पार्टी संसद के इस पूरे सत्र का बहिष्कार करती है|
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा, 'राज्यसभा के उपसभापति ने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मुझे पत्र लिखकर बताया कि उनके साथ कैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने मुझे लिखा है कि लोगों की चेतना जगाने के लिए वे एक दिन का उपवास रख रहे हैं। वो आज निलंबित सांसदों से मुलाकात करने के लिए पहुंचे और चाय भी दी। हम सभी उनकी तारीफ कर रहे हैं। हम संसदीय लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार को स्वीकार नहीं कर सकते।' नायडू ने विपक्षी नेताओं से 'पुनर्विचार, आत्मनिरीक्षण, सदन में चर्चा में भाग लेने के लिए लौटने' का आग्रह किया।