नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातकोत्तर यानी NEET-PG की काउंसलिंग 12 जनवरी से शुरू होगी| नीट पीजी काउंसलिंग 2021 (NEET PG Counselling) को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार, 09 जनवरी को नीट काउंसलिंग की तारीखों की घोषणा की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया,''NEET-PG की काउंसलिंग 12 जनवरी से शुरू होगी|
मनसुख मंडाविया ने कहा,''रेसीडेंट डॉक्टरस को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए आश्वासन अनुसार, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद MCC द्वारा NEET-PG काउन्सलिंग 12 जनवरी 2022 से शुरू की जा रही है। इससे कोरोना से लड़ाई में देश को और मज़बूती मिलेगी। सभी उम्मीदवारों को मेरी शुभकामनाएं।
बता दें कि,'' नीट पीजी 2021 काउंसलिंग और आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए नीट पीजी काउंसलिंग 2021 को मंजूरी दे दी थी| वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2021 में ओबीसी आरक्षण और ईडब्ल्यूएस कोटा पर भी निर्णय दिया है| सुप्रीम कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों को 27 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की वैधता को बरकरार रखा|
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने कहा था कि वर्ष 2021-22 के लिए नीट पीजी के वास्ते काउंसलिंग पहले के मानदंडों के आधार पर ही होगी| पीठ ने कहा था कि आने वाले सालों में ईडब्ल्यूएस के लिए आठ लाख की आय संबंधी मानदंड की वैधता पर निर्णय याचिकाओं पर सुनाई के बाद ही लिया जाएगा| पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई के लिए पांच मार्च की तारीख तय की है|
क्या था पूरा मामला?
केंद्र सरकार ने नीट पीजी 2021 में 27 फीसदी ओबीसी और 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण देने का फैसला किया था| लेकिन इस आरक्षण के संबंध में नोटिस जुलाई में जारी किया गया था, जब नीट पीजी 2021 के आवेदन बंद हो चुके थे| परीक्षा अप्रैल में होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण परीक्षा स्थगित हो गई थी| फिर सितंबर 2021 में ली गई थी| स्टूडेंट्स इसका विरोध कर रहे थे कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण इस शैक्षणिक सत्र यानी मेडिकल पीजी एडमिशन 2021 से लागू न किया जाए|
इससे पहले नीट-पीजी काउंसलिंग में देरी के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे| उनकी 14 दिवसीय हड़ताल पिछले शुक्रवार को तब समाप्त हो गई जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 जनवरी को अदालत में सुनवाई के तुरंत बाद नीट-पीजी काउंसलिंग कार्यक्रम के साथ आने का आश्वासन दिया| रेजिडेंट डॉक्टरों के संघ ने भी प्रदर्शन कर रहे कई डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी| सरकार ने इस मांग को भी मान लिया था|