देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने देहरादून में कहा '',हमारे 4 वरिष्ठ मंत्रीगण और 3 विधायक यहां आए, उन्होंने अपनी चिंता बताई। वो पार्टी की जीत की संभावनाओं को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि हमारा विरोध किसी व्यक्ति से नहीं है। हम चाहते हैं कि चुनाव में हम एक स्पष्ट रोडमैप के साथ जाएं|
हरीश रावत ने कहा,'' ज़िला और राज्य प्रशासन की कार्य पद्धति को लेकर उनकी कुछ शिकायतें भी हैं। कांग्रेस का कोई विधायक अगर अपने को असुरक्षित समझता है और समझता है कि प्रशासन उसको हराने की कोशिश कर सकता है या उसके ख़िलाफ काम कर सकता है तो ये बहुत चिंताजनक बात है|
पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने कहा '',अगर किसी को किसी से कोई नाराज़गी है तो नाराज़गी कांग्रेस के रास्ते में नहीं आनी चाहिए। कांग्रेस के लिए बहुत आवश्यक है कि वो पंजाब में मिलकर चुनाव लड़े। मंत्रीगणों ने, विधायकों ने मुझे आश्वासन दिया कि उनका पार्टी में और पार्टी हाईकमान में पूरा विश्वास है|
पंजाब कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा '',हम पंजाब के लोगों और पंजाब के विधायकों की भावनाओं को लेकर हरीश रावत से मिलने आए थे। वे हमारी बातों से संतुष्ट हैं। हम पंजाब के वे मसले जो हल नहीं हो रहे उन्हें लेकर यहां आए हैं। इन्होंने हमारी बात सुनकर हाईकमान से बात करने की बात की है|
पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और कुछ अन्य नेताओं द्वारा खुले तौर पर कैप्टन को हटाए जाने की मांग उठाए जाने के बाद एक बार फिर पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया। मंगलवार को उठे इस सियासी तूफान के बाद अब पंजाब के कुछ विधायकों ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का रुख किया
बुधवार को पंजाब सरकार के चार मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखविंदर सिंह रंधावा, सुख सकारिया व चरनजीत चन्नी और तीन विधायक कुलवीर जीरा, बरीन्द्रजीत पहाड़ा व सुरिंदर धीमान देहरादून पहुंचे।
के बादके बाद हरीश रावत उन्होंने कहा कि पंजाब के विधायकाें ने अपनी चिंताएं बताईं। ये सभी पार्टी की जीत की संभावनाओं को लेकर चिंतित थे। इनका विरोध किसी व्यक्ति से नहीं है। वो चाहते हैं कि चुनाव में एक स्पष्ट रोड मैप के साथ उतरें, ताकी चुनाव जीता जा सके। कहा कि विधायकों की एडमिनिस्ट्रेशन को लेकर कुछ शिकायतें भी थीं। यदी किसी को किसी से कोई नाराजगी है तो वह कांग्रेस के रास्ते में नहीं आनी चाहिए। कहा कि कांग्रेस मिलकर चुनाव जीतने के लिए प्रयास कर रही है।
हरीश रावत ने कहा कि इन विधायकों ने आश्वासन दिया है कि वह पार्टी की एकता के लिए बनाए रखेंगे और उनका पार्टी हाईकमान पर पूरा भरोसा है। विधायकों की चिंताओं को लेकर मैं पार्टी लीडर के पास जाऊंगा। मुझे इन पर पूरा भरोसा है। अगर कहीं पार्टी में थोड़ा डैमेज हुआ भी होगा तो उसकी पूर्ति का रास्ता भी इन्हीं विधायकों में से निकलेगा। इस दौरान पंजाब मुख्यमंत्री और अपनी ही सरकार से कुछ विधायकों की नाराजगी पर हरीश रावत ने हामी भरी।
उन्होंने कहा कि ऐसा होता है। पंजाब मुझे जाना चाहिए था, लेकिन मैं नहीं जा सका तो ये विधायक मुझसे मिलने आ गए। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उक्त विधायक की क्या शिकायतें थीं। हरीश रावत ने कहा कि वह एक-दो दिन में दिल्ली जाएंगे और पार्टी हाईकमान को इन परिस्थितियों के बारे में बताएंगे।
हरीश रावत ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को भी यह बात कह दी गई है कि वह अपने सलाहकारों को नियंत्रण में रखें। अंत में हरीश रावत ने कहा कि मैंने इन सभी विधायकों की बात सुनी है और उन्होंने मेरी बात भी सुन ली है। अब फैसला उनको लेना है। मुझे आशा है कि वह मेरी बात समझेंगे।
बैठक से पहले पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने कहा था '',कैप्टन अमरिंदर के नेतृत्व में ही 2022 का चुनाव लड़ा जाएगा। हरीश रावत ने कहा ''''पंजाब में कांग्रेस के पास लोगों की कमी नहीं है और आगे चुनाव कैसे जीता जाए इसके लिए सब लोग सामूहिक तरीके से काम करेंगे। हम कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में 2022 का चुनाव लड़ेंगे|