नई दिल्ली: विपक्षी नेताओं ने राज्यसभा से वॉक-आउट किया और संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने 8 सांसदों के निलंबन को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विपक्ष और सरकार दोनों को एक साथ बैठकर सदन चलाने में मदद करनी चाहिए। एक-दूसरे के सहयोग से लोकतंत्र जारी रहना चाहिए : एच.डी. देवगौड़ा पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसद
जब तक हमारे सांसदों के संस्पेंशन को वापिस नहीं लिया जाता और किसान के बिलों से संबंधित हमारी मांगों को नहीं माना जाता विपक्ष सत्र से बायकॉट करती है : LoP और राज्यसभा MP गुलाम नबी आज़ाद
पिछले दो दिनों में जो सदन में हुआ मुझे नहीं लगता कि उससे कोई भी खुश है...करोड़ों लोगों को जो रिप्रेजेंट करते हैं उन्हें करोड़ों लोग देखते हैं। जो लक्ष्य है यहां आने का वो तो पूरा होना चाहिए : LoP और राज्यसभा MP गुलाम नबी आज़ाद
कृषि विधेयक (Farm Bills) पर रविवार को बहस के दौरान राज्यसभा में हंगामा करने वाले आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया है| निलंबन के विरोध में सोमवार को निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास रातभर प्रदर्शन किया|
सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, कांग्रेस के राजीव साटव और सीपीएम के के.के. रगेश समेत निलंबित सांसद राज्यसभा से निकलने के बाद संसद के लॉन में प्रदर्शन पर बैठ गए|उनके पास तख्तियां थी, जिसमें लिखा था- "हम किसानों के लिए लड़ेंगे" और "संसद की हत्या"