नई दिल्ली: कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि,'हमारे लोगों का ब्लॉक स्तर पर, जिला स्तर पर लोगों के साथ कनेक्शन टूट गया है। जब कोई पदाधिकारी हमारी पार्टी में बनता है तो वो लेटर पैड छाप देता है, विजिटिंग कार्ड बना देता है, वो समझता है बस मेरा काम ख़त्म हो गया, काम तो उस समय से शुरू होना चाहिए|
कांग्रेस को हाल में हुए नुकसान के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि,''हम सभी नुकसान के बारे में चिंतित हैं, खासकर बिहार और उपचुनाव परिणामों के बारे में। मैं नुकसान के लिए नेतृत्व को दोष नहीं देता। हमारे लोगों ने जमीन पर संबंध खो दिया है। एक को अपनी पार्टी से प्यार होना चाहिए|
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि,''5-स्टार कल्चर द्वारा चुनाव नहीं लड़ा जाता है| 5-स्टार से चुनाव नहीं लड़े जाते, आज नेताओं के साथ समस्या यह है कि अगर उन्हें पार्टी का टिकट मिलता है, तो वे पहले 5-स्टार होटल में जाकर बुक हो जाते हैं। एयर कंडीशनर गाड़ी के बिना नहीं जाएंगे, जहां उबड़-खाबड़ सड़क है तो वे वहां नहीं जाएंगे। जब तक ये कल्चर हम नहीं बदलेंगे, हम चुनाव नहीं जीत सकते
गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि,'पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। जब तक पदाधिकारी नियुक्त नहीं किए जाते, तब तक वे नहीं जाएंगे। लेकिन अगर सभी पदाधिकारी चुने जाते हैं, तो वे अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। अभी पार्टी में किसी को भी कोई पद मिलता है|उन्होंने कहा,''जब तक हम हर स्तर पर अपने कामकाज के तरीके को नहीं बदलेंगे, चीजें नहीं बदलेंगी। नेतृत्व को पार्टी कार्यकर्ताओं को एक कार्यक्रम देने और पदों के लिए चुनाव कराने की आवश्यकता है। एक को इतना अपरिहार्य होना चाहिए कि नेतृत्व आपकी अनुपस्थिति में आपसे मांगे
गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि मैं गांधी परिवार (Gandhi Family) को दोष नहीं दे सकते, क्योंकि इस वक्त कोरोना की महामारी के कारण ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता| हमारी मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वे हमारी अधिकांश मांगों के लिए सहमत हो गए हैं। यदि वे राष्ट्रीय विकल्प बनना चाहते हैं और पार्टी को पुनर्जीवित करना चाहते हैं तो हमारे नेतृत्व को चुनाव करना चाहिए|हम सभी को पार्टी से प्यार करना चाहिए और इसे दोबारा मजबूत बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए|
आज़ाद ने कहा कि,''हमारी पार्टी का ढांचा ढह गया है। हमें अपनी संरचना के पुनर्निर्माण की आवश्यकता है और फिर यदि कोई नेता उस संरचना में चुना जाता है, तो यह काम करेगा। लेकिन यह कहना कि सिर्फ नेता बदलने से हम, बिहार यूपी, एमपी आदि को जीत लेंगे, तो यह गलत है। एक बार जब हम सिस्टम को बदल देंगे| उन्होंने कहा,''हमारा ढ़ांचा कमजोर है, हमें ढ़ांचा पहले खड़ा करना पड़ेगा। फिर उसमें कोई भी नेता हो चलेगा। सिर्फ नेता बदलने से आप कहेंगे कि पार्टी बदल जाएगी, बिहार आएगा, मध्य प्रदेश आएगा, उत्तर प्रदेश आएगा, नहीं वो सिस्टम से बदलेगा|
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि,' पिछले 72 सालों में कांग्रेस सबसे निचले पायदान पर है। कांग्रेस के पास पिछले दो कार्यकाल के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद भी नहीं है। पिछले दो बार से कांग्रेस लोकसभा में नेता विपक्ष का पद हासिल करने लायक संख्या भी नहीं जुटा सकी, लेकिन कांग्रेस ने लद्दाख पहाड़ी परिषद चुनावों में 9 सीटें जीतीं, जबकि हम इस तरह के सकारात्मक परिणाम की उम्मीद नहीं कर रहे थे|
पार्टी नेताओं के असंतोष व्यक्त पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी ने कहा कि,''ने कांग्रेस पार्टी में कोई विद्रोह नहीं है। Rebellion का अर्थ है किसी को Replacing करना। पार्टी अध्यक्ष पद के लिए कोई अन्य उम्मीदवार नहीं है। यह कोई Rebellion नहीं है। यह सुधारों के लिए है|