नई दिल्ली: प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम पर वेबिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,बजट के क्रियान्वयन को लेकर इस बार हम नया प्रयोग कर रहे हैं| ये पीएलआई जिस सेक्टर के लिए है, उसको तो लाभ हो ही रहा है, इससे उस सेक्टर से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को फायदा होगा। ऑटो और फार्मा में पीएलआई से, ऑटो पार्ट्स , मेडिकल इक्विपमेंट्स और दवाओं के रॉ मटीरियल से जुड़ी विदेशी निर्भरता बहुत कम होगी|एडवांस सेल बैटरीज, सोलर पीवी मॉड्यूल्स और स्पेशियलिटी स्टील को मिलने वाली मदद से देश में एनर्जी सेक्टर आधुनिक होगा। इसी तरह टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलने वाली पीएलआई से हमारे पूरे एग्रीकल्चर सेक्टर को लाभ होगा|
निर्माण की बढ़ती क्षमताएं देश में रोज़गार के निर्माण को बढ़ाती हैं, भारत इसी अप्रोच के साथ तेज़ी से काम करना चाहता है। इस सेक्टर में हमारी सरकार निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक के बाद एक सुधार कर रही है| हमारे सामने दुनिया भर से उदाहरण हैं जहां देशों ने अपनी हुई मैन्यूफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज को बढ़ाकर, देश के विकास को गति दी है। बढ़ती हुई मैन्यूफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज , देश में रोजगार सृजन को भी उतना ही बढ़ाती हैं|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,''हमारी नीति और रणनीति, हर तरह से स्पष्ट है। हमारी सोच है- मिनिमम गवर्नेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस और हमारी अपेक्षा है जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट| हमारी सरकार मानती है कि हर चीज़ में सरकार का दखल समाधान के बजाय समस्याएं ज्यादा पैदा करता है। इसलिए हम Self-Regulation, Self-Attesting, Self-Certification पर जोर दे रहे हैं|
एडवांस सेल बैटरीज, सोलर पीवी मॉड्यूल्स और स्पेशियलिटी स्टील को मिलने वाली मदद से देश में एनर्जी सेक्टर आधुनिक होगा। इसी तरह टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलने वाली पीएलआई से हमारे पूरे एग्रीकल्चर सेक्टर को लाभ होगा| ये पीएलआई जिस सेक्टर के लिए है, उसको तो लाभ हो ही रहा है, इससे उस सेक्टर से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को फायदा होगा। ऑटो और फार्मा में पीएलआई से, ऑटो पार्ट्स , मेडिकल इक्विपमेंट्स और दवाओं के रॉ मटीरियल से जुड़ी विदेशी निर्भरता बहुत कम होगी: प्रधानमंत्री