नई दिल्ली: बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि,' लोकसभा आमचुनाव से पहले कल (20) से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में सरकार व विपक्ष का रवैया तकरार, आरोप-प्रत्यारोप व ज़िम्मेदारी से भागने का नहीं है बल्कि ज्वलन्त जनसमस्याओं को दूर करने सम्बंधी समाधान का होना चाहिए, क्योंकि इस समय समस्त ग़रीब एवं मेहनतकश जनता का जीवन काफी दुःखी व त्रस्त है, जिनकी सही से चिन्ता करना सभी का दायित्व बनता है|
मायावती ने कहा कि,' देश में लगातार बढ़ रही कमरतोड़ महंगाई, अति गरीबी व बेरोजगारी आदि की इन गम्भीर समस्याओं के प्रति केन्द्र सरकार के उत्तरदायित्व को लेकर कल से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में जवाबदेही का लोगों को काफी बेसबरी से इंतजार है, किन्तु मणिपुर में जारी चिन्तनीय हालात हिंसा व असुरक्षा भी अब नया मुद्दा बन गया है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि,'किन्तु इन समस्याओं के प्रति भाजपा का रवैया अब तक व्यापक जनहित का कम तथा अपने राजनीतिक स्वार्थ का ज्यादा देखने को मिल रहा है, जिस कारण देशहित से जुड़े इन मामलों का जटिल बने रहना अति–दुःखद है। जबकि देश की प्रगति लोगों की उन्नति में ही निहित है, जिस पर पूरा ध्यान केन्द्रित करने की भी सख्त जरूरत है
उन्होंने कहा,''अब लोकसभा आमचुनाव से पहले संसद में सरकार व विपक्ष का रवैया तकरार, आरोप-प्रत्यारोप व जिम्मेदारी से भागने का नहीं बल्कि इन ज्वलन्त जन समस्याओं को दूर करने सम्बंधी समाधान का होना चाहिए, क्योंकि इस समय समस्त गरीब एवं मेहनतकश जनता का जीवन काफी दुःखी व त्रस्त है, जिनकी सही से चिन्ता करना सभी का दायित्व भी बनता है ।