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24 अगस्त 2026

पवन खेड़ा ने की किसान ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा की आलोचना, 2012 में राष्ट्रपति भवन व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों में घुसे आंदोलनकारियों के आंदोलन का किया याद, बोले-इतिहास गवाह है कि...

नई दिल्ली: किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली के बीच दिल्ली में कई जगहों पर बवाल हो गया है| कांग्रेस प्रवक्ता प्रवक्ता पवन खेड़ा ने किसान ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा की आलोचना की है | कांग्रेस प्रवक्ता प…

पवन खेड़ा ने की किसान ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा की आलोचना, 2012 में राष्ट्रपति भवन व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों में घुसे आंदोलनकारियों के आंदोलन का किया याद, बोले-इतिहास गवाह है कि...
पवन खेड़ा ने की किसान ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा की आलोचना, 2012 में राष्ट्रपति भवन व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों में घुसे आंदोलनकारियों के आंदोलन का किया याद, बोले-इतिहास गवाह है कि... | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली के बीच दिल्ली में कई जगहों पर बवाल हो गया है| कांग्रेस प्रवक्ता प्रवक्ता पवन खेड़ा ने किसान ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा की आलोचना की है | कांग्रेस प्रवक्ता प्रवक्ता पवन खेड़ा ने 2012 में राष्ट्रपति भवन व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों में घुसे आंदोलनकारियों के आंदोलन का भी याद किया| 



2012 में उग्र आंदोलनकारियों के आंदोलन को याद करते हुए पवन खेड़ा ने कहा,''कहा मीडिया ने तब आंदोलनकारियों का समर्थन किया व सरकार का पुरज़ोर विरोध। यह फ़र्क़ है 2012 व 2021 में| उन्होंने कहा,''इतिहास गवाह है कि हिंसा किसी भी समस्या का उत्तर नहीं है। सरकार की हठधर्मिता का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। ठीक वैसे ही किसी भी आंदोलन में हिंसा का भी कोई स्थान नहीं होता|



कांग्रेस प्रवक्ता प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्वीट किया, 'मुझे आज निर्भया के विरोध का आंदोलन याद आ गया जब क्रोधित नौजवान राष्ट्रपति भवन एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों में घुस गए थे। मोतीलाल नेहरू मार्ग के पास पोलिस ने पानी की बौछारें की थी। मीडिया ने तब आंदोलनकारियों का समर्थन किया व सरकार का पुरज़ोर विरोध। यह फ़र्क़ है 2012 व 2021 में...



पवन खेड़ा ने आगे लिखा,''इतिहास गवाह है कि हिंसा किसी भी समस्या का उत्तर नहीं है। सरकार की हठधर्मिता का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। ठीक वैसे ही किसी भी आंदोलन में हिंसा का भी कोई स्थान नहीं होता|




देशभर में आज 72वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। वहीं, कृषि कानून के खिलाफ पिछले दो महीनों से आंदोलन कर रहे किसान दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं। सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली की सीमा में दाखिल हो गए।इ सके साथ ही आईटीओ पर काफी बवाल मचा हुआ है। किसानों के पथराव के बाद कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।



दिल्ली के आईटीओ इलाके में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने डीटीसी बस में तोड़फोड़ की। लाल किला में बड़ी संख्या में इकट्ठा प्रदर्शनकारी। प्रदर्शनकारियों ने लाल किले में अपने झंडे लगाए हैं।एक प्रदर्शनकारी ने लाल किले के गुंबद पर झंडा लगाया





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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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