नई दिल्ली: पेगासस स्पाइवेयर मामले में खुलासा हुआ है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को भी निशाना बनाया गया है| जिन लोगों पर इजरायली कंपनी NSO ग्रुप के स्पाईवेयर 'पेगासस' का इस्तेमाल किया गया था, उनमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी शामिल हैं।उनेक नंबर उस डाटाबेस में शामिल हैं जिनके खिलाफ पेगासस का इस्तेमाल किया गया था।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ इसका इस्तेमाल 2019 लोकसभा चुनाव से पहले किया गया था। दो मंत्रियों को भी निशाना बनाया गया है|इन मंत्रियों में अश्विनी वैष्णव और प्रह्ललाद पटेल का नाम सामने आया है|
रिपोर्ट के मुताबिक, लीक हुए डेटा में 300 भारतीय मोबाइल नंबर शामिल हैं, जिनमें 40 मोबाइल नंबर भारतीय पत्रकारों के हैं| इनके अलावा तीन बड़े विपक्षी नेता, सुरक्षा एजेंसियों के मौजूदा- पूर्व प्रमुख और अधिकारी, बिजनेमैन शामिल हैं| रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि इन नंबरों को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 2018-2019 के बीच निशाना बनाया गया था|
इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का है, जिन्हें पीएम मोदी ने हालही अपने कैबिनेट में शामिल किया है|उन्होंने आईटी मंत्री के रूप में रविशंकर प्रसाद की जगह ली| इनको जब 2018-19 में निशाना बनाया गया, तब ये सांसद थे|
पेगासस प्रोजेक्ट के तहत द वायर और इसके मीडिया पार्टनर इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कम से कम दो मोबाइल फोन भारत के उन 300 प्रमाणित नंबरों की सूची में शामिल हैं, जिनकी निगरानी करने के लिए इजराइल के एनएसओ ग्रुप के एक भारतीय क्लाइंट द्वारा पेगासस स्पायवेयर का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई थी|
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हैंकिग करने की सनक इस स्तर तक थी कि उनके पांच करीबियों पर भी निशाना बनाने की तैयारी की गई थी, जबकि इन पांचों में से कोई भी राजनीतिक या सार्वजनिक कामों संबंधी भूमिका में नहीं है|
राहुल गांधी पर निगरानी करने की योजना ऐसे समय पर बनाना, जब वे विपक्षी कांग्रेस के अध्यक्ष थे और नरेंद्र मोदी के खिलाफ साल 2019 के आम चुनाव में अपनी पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, पूरी चुनावी प्रक्रिया की अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े करता है| राहुल गांधी के निजी फोन के अलावा उनके दो करीबी सहयोगियों- अलंकार सवाई और सचिन राव- के नंबर भी लीक हुए डेटाबेस में शामिल हैं|