नई दिल्ली: वर्ल्ड सस्टेनेबल समिट 2021 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,,, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा से 450 गीगावॉट ऊर्जा का उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने वाले हैं| मोदी ने कहा,''TERI जैसे वैश्विक मंच हमारे वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। आने वाले समय में मानवता की प्रगति दो बातों से निर्धारित होगी- लोगों का स्वास्थ्य और हमारे ग्रह का स्वास्थ्य। ये दोनों आपस में जुड़े हुए हैं|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''जलवायु न्याय के माध्यम से ही जलवायु परिवर्तन से लड़ा जा सकता है| जलवायु न्याय के मूल में बड़े दिल वाले होने का सिद्धांत है| जलवायु न्याय का मतलब विकासशील देशों को आगे बढ़ने का अवसर देना है| प्राकृतिक आपदाएं ग़रीबों को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं; हम पेरिस समझौते के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सही राह पर हैं|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'भारत ने 2030 तक 450 गीगावॉट का अक्षय उर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है|उन्होंने कहा,,''8 करोड़ से ज्यादा घरों में उज्जवला के जरिए स्वच्छ ईंधन पहुंचा। भारत इथेनॉल के इस्तेमाल को भी बढ़ा रहा है|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'हमारा मानव-केंद्रित दृष्टिकोण वैश्विक कल्याण के लिए एक फोर्स-मल्टीप्लायर हो सकता है। सतत विकास के हमारे लक्ष्य में जीव-जंतुओं का भी अहम स्थान है| हम गैर-जीवाश्म ईंधन से उर्जा का 38 फीसदी का लक्ष्य हासिल कर चुके हैं। भारत ने 100 फीसदी विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल किया है। भारत पिछले एक दशक में वन क्षेत्रों के मामले में शीर्ष 3 देशों में से एक है|
सम्मेलन में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा कि,''जलवायु परिवर्तन दुनिया के लिए बड़ा ख़तरा; पूरी दुनिया कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर काम करे| जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सराहनीय भूमिका निभा रहा है भारत; पीएम मोदी को शानदार नेतृत्व के लिए बधाई; पूरी दुनिया स्वच्छ ऊर्जा पर ज़ोर दे|