नई दिल्ली: रविवार को विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया| उन्होंने कहा कि ,''आज विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व है। इस पावन अवसर पर आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं। दशहरे का ये पर्व,असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। आज आप सभी बहुत संयम के साथ जी रहे हैं, त्योहार मना रहे हैं, इसलिए जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं,उसमें जीत भी सुनिश्चित है|
प्रधानमंत्री ने कहा कि,''हमें अपने उन जांबाजों को भी याद रखना है जो इन त्योहारों में भी सीमाओं पर डटे हैं और भारत माता की सेवा और सुरक्षा कर रहे हैं। हमें उनको याद करके ही अपने त्योहार मनाने हैं। हमें घर में एक दीया, भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है|
प्रधानमंत्री ने कहा कि,'' जब हम त्योहार की बात करते हैं, तो सबसे पहले मन में यही आता है कि बाज़ार कब जाना हैं? इस बार जब आप खरीदारी करने जाएं तो '#VOCAL_FOR_LOCAL' का अपना संकल्प अवश्य याद रखें। बाज़ार से सामान खरीदते समय हमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है| उन्होंने कहा कि,''सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जन्म जयंती 31 अक्टूबर को हम 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के तौर पर मनाएंगे। बहुत कम लोग मिलेंगे जिनके व्यक्तित्व में एक साथ कई तत्व मौजूद हों-वैचारिक गहराई, नैतिक साहस, राजनैतिक विलक्षणता, कृषि क्षेत्र का गहरा ज्ञान और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण
प्रधानमंत्री ने कहा कि,''दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपए से ज़्यादा की खरीदारी हुई। इसी तरह कोरोना समय में खादी के मास्क भी बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। देशभर में कई जगह सेल्फ हेल्प ग्रुप और दूसरी संस्थाएं खादी के मास्क बना रहे हैं| उन्होंने कहा कि,''आज कश्मीर का पुलवामा पूरे देश को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज देशभर में बच्चे अपना होमवर्क करते हैं नोट्स बनाते हैं तो कहीं न कहीं इसके पीछे पुलवामा के लोगों की कड़ी मेहनत भी है|