नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में वाराणसी में वर्चुअल माध्यम से ₹614 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,''महादेव के आशीर्वाद से काशी कभी थमती नहीं है। मां गंगा की तरह निरंतर आगे बढ़ती रहती है। कोरोना के कठिन काल में भी काशी आगे बढ़ती रही। कोरोना के खिलाफ बनारस ने जिस जीवटता से लड़ाई लड़ी है, इस मुश्किल समय में जिस सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया है। वो बहुत प्रशंसनीय है|
PM नरेंद्र मोदी ने कहा,''मां गंगा को लेकर प्रयास व प्रतिबद्धता काशी का संकल्प भी है और काशी के लिए नई संभावनाओं का रास्ता भी। धीरे-धीरे यहां के घाटों की तस्वीर बदल रही है। गंगा घाटों की स्वच्छता और सुंदरीकरण के साथ-साथ सारनाथ भी नए रंगरूप में निखर रहा है|गांव में रहने वाले लोगों को, गांव की ज़मीन, गांव के घर का, कानूनी अधिकार देने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ शुरू की गई है। गाँवों में घर मकान को लेकर जो विवाद होते थे, इस योजना से मिले प्रॉपर्टी कार्ड के बाद उनकी गुंजाइश नहीं रह जाएगी|
PM मोदी ने कहा,'काशी की एक बड़ी समस्या यहां लटकते बिजली के तारों के जाल की रही है। आज काशी का बड़ा क्षेत्र बिजली के तारों के जाल से भी मुक्त हो रहा है। तारों को अंडरग्राउंड करने का एक और चरण, आज पूरा हो चुका है
PM मोदी ने कहा,'बाबतपुर से शहर को कनेक्ट करने वाली सड़क भी अब बनारस की नई पहचान बनी है। आज एयरपोर्ट पर 2 पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज का लोकार्पण होने के बाद इन सुविधाओं का और विस्तार होगा। 6 वर्ष पहले जहां बनारस से हर दिन 12 फ्लाइट्स चलती थीं, आज इससे 4 गुणा फ्लाइट्स चलती हैं|
PM मोदी ने कहा,'बीते 6 सालों से बनारस में Health Infrastructure पर भी अभूतपूर्व काम हुआ है। आज काशी यूपी ही नहीं, बल्कि एक तरह से पूरे पूर्वांचल के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बनता जा रहा है|बनारस और पूर्वांचल के किसानों के लिए तो स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की अनेक सुविधाएं यहां तैयार की गई हैं। International Rice Institute का Centre हो, Milk Processing Plant हो, Perishable Cargo Center का निर्माण हो, ऐसी अनेक सुविधाओं से किसानों को बहुत लाभ हो रहा है|
PM मोदी ने कहा,'गांव में रहने वाले लोगों को, गांव की जमीन, गांव के घर का, कानूनी अधिकार देने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ शुरू की गई है। गाँवों में घर मकान को लेकर जो विवाद होते थे, इस योजना से मिले प्रॉपर्टी कार्ड के बाद, उनकी गुंजाइश नहीं रह जाएगी| आजकल, ‘लोकल के लिए वोकल’ के साथ ही, लोकल फॉर दीवाली (Local4Diwali) के मंत्र की गूंज चारो तरफ है। हर एक व्यक्ति जब गर्व के साथ लोकल सामान खरीदेगा, नए-नए लोगों तक ये बात पहुंचाएगा कि हमारे लोकल प्रोडक्ट कितने अच्छे हैं, किस तरह हमारी पहचान हैं, तो ये बातें दूर-दूर तक जाएंगी|