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24 अगस्त 2026

पीएम मोदी ने की राष्ट्रव्यापी 'कोरोना वैक्सीनेशन' अभियान की शुरुआत, बोले- कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगनी बहुत जरूरी

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बीच भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देशभर में कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान का शुभारं…

पीएम मोदी ने की राष्ट्रव्यापी 'कोरोना वैक्सीनेशन' अभियान की शुरुआत, बोले- कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगनी बहुत जरूरी
पीएम मोदी ने की राष्ट्रव्यापी 'कोरोना वैक्सीनेशन' अभियान की शुरुआत, बोले- कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगनी बहुत जरूरी | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  कोरोना महामारी के बीच भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देशभर में कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज के दिन का पूरे देश को बेसब्री से इंतेजार रहा है। कितने महीनों से देश के हर घर में बच्चे, बूढ़े, जवान सभी की जुबान पर ये सवाल था कि कोरोना वैक्सीन कब आएगी। अब वैक्सीन आ गयी है, बहुत कम समय में आ गई है|



प्रधानमंत्री ने कहा कि,''अब से कुछ ही देर बाद दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है।इसके लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई। आज वैक्सीन रिसर्च  से जुड़े लोग विशेष प्रशंसा के हकदार हैं| आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में वर्षों लग जाते हैं। लेकिन इतने कम समय में दो-दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई है। कई और वैक्सीन पर काम तेज गति से चल रहा है|




उन्होंने कहा कि,''ये वैक्सीन भारत की वैज्ञानिक दक्षता और सामर्थ्य का जीता-जागता सबूत है। ऐसी ही उपलब्धियों के लिए राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था, मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है| भारत का टीकाकरण अभियान बहुत ही मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है। जिसे सबसे ज्यादा जरूरत है, उसे सबसे पहले कोरोना का टीका लगेगा|




पीएम मोदी ने कहा, 'कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगनी बहुत जरूरी है। पहली और दूसरी डोज के बीच, लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा। दूसरी डोज़ लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध ज़रूरी शक्ति विकसित हो पाएगी|टीका लगते ही आप असवाधानी न बरतें, मास्क निकलाने व दो गज की दूरी भूलने की गलती न करें। जो धैर्य आपने कोरोना की लड़ाई के दौरान दिखाया था, वैसे ही धैर्य अब वैक्सीनेशन के समय दिखाना है|





उन्होंने कहा कि,''इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है|दूसरे चरण में हमें इसको 30 करोड़ की संख्या तक ले जाना है।  जो बुजुर्ग हैं, जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें इस चरण में टीका लगेगा: प्रधानमंत्री



पीएम मोदी ने कहा, ''हमारे वैज्ञानिक व विशेषज्ञ जब दोनों मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी उन्होंने इसके इमरजेंसी उपयोग की अनुमति दी।  देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा, अफवाहें और दुष्प्रचार से बचकर रहना है|भारत के वैक्सीन वैज्ञानिक, हमारे मेडिकल सिस्टम की पूरे विश्व में बहुत विश्वसनीयता है। ये विश्वास अपने ट्रैक रिकॉर्ड से हासिल किया है। इस मुश्किल लड़ाई से लड़ने के लिए हम आत्मविश्वास को कमजोर नहीं पड़ने देंगे, ये प्रण हर भारतीय में दिखा|




उन्होंने कहा कि,''संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, देश वासियों ने कभी आत्मविश्वास खोया नहीं। जब भारत में कोरेाना पहुंचा तब देश में कोरोना टेस्टिंग की एक ही लैब थी, हमने अपने सामर्थ्य पर विश्वास रखा और आज 2,300 से ज्यादा नेटवर्क हमारे पास है|संकट के उसी समय में, निराशा के उसी वातावरण में, कोई आशा का भी संचार कर रहा था, हमें बचाने के लिए अपने प्राणों को संकट में डाल रहा था। हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस ड्राइवर, आशा वर्कर, सफाई कर्मचारी, पुलिस और दूसरे Frontline Workers|




पीएम मोदी ने कहा, 'भारत ने 24 घंटे सतर्क रहते हुए, हर घटनाक्रम पर नजर रखते हुए, सही समय पर सही फैसले लिए। 30 जनवरी को भारत में कोरोना का पहला मामला मिला, लेकिन इसके दो सप्ताह से भी पहले भारत एक हाई लेवल कमेटी बना चुका था।  पिछले साल आज का ही दिन था जब हमने बाकायदा सर्विलांस शुरु कर दिया था| जनता कर्फ्यू, कोरोना के विरुद्ध हमारे समाज के संयम और अनुशासन का भी परीक्षण था, जिसमें हर देशवासी सफल हुआ। जनता कर्फ्यू ने देश को मनोवैज्ञानिक रूप से लॉकडाउन के लिए तैयार किया। हमने ताली-थाली और दीए जलाकर, देश के आत्मविश्वास को ऊंचा रखा|



उन्होंने कहा कि,''भारत ने इस महामारी से जिस प्रकार से मुकाबला किया उसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। केंद्र और राज्य सरकारें, स्थानीय निकाय, सरकारी संस्थान, सामाजिक संस्थाएं, कैसे एकजुट होकर बेहतर काम कर सकते हैं, ये उदाहरण भी भारत ने दुनिया के सामने रखा|















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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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