नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की संचालन परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रत्येक राज्य से दुनिया भर में प्रत्येक भारतीय मिशन के माध्यम से अपने 3 टी (ट्रेड, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी) को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से फसल विविधीकरण पर ध्यान देने को कहा
नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा, प्रधानमंत्री चाहते हैं कि भारत खाद्य तेल में आत्मनिर्भर हो| उन्होंने कहा,''भारत का संघीय ढांचा और सहकारी संघवाद कोविड संकट के दौरान दुनिया के लिए एक मॉडल के रूप में उभरा|
NITI आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा,‘ PM मोदी ने भारत में पोस्ट कोविड पर नीति आयोग की बैठक से उनकी अपेक्षा पर महत्वपूर्ण बाते कही। जिस तरह से केंद्र और राज्यों ने कोविड के दौरान एक दूसरे के साथ मिलकर निर्णय लिए उस पर भी चर्चा की। उन्होंने 2047 के लिए भारत के लक्ष्य के बारे में बात की|
नीति आयोग के CEO परमेश्वरन अय्यर ने कहा,‘यह एक उपयोगी बातचीत थी (नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में) जहां मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने अपने राज्यों से सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रस्तुत किया। NEP 2020, G20 और निर्यात के महत्व पर प्रस्तुतियां दी गईं|
नीति आयोग के मेंबर रमेश चंद ने कहा,‘‘प्रधानमंत्री ने कृषि विविधीकरण के महत्व को व्यक्त किया और कहा कि खाद्य तेलों में विशेष रूप से आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता है। हम आयात से खाद्य तेल की अपनी कुल मांग का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर रहे हैं। कुल मिलाकर राज्य काफी सहयोगी थे और इस पहलू पर काम कर रहे हैं|
नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश CM जयराम ठाकुर ने कहा,‘‘ ‘कृषि विविधीकरण के लिए प्रधानमंत्री जी का विशेष आग्रह है कि बदलती परिस्थितियों में हमको अलग तरह से सभी चीजों को लेकर कृषि के क्षेत्र में काम करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए.|उस पर सभी मुख्यमंत्रियों ने अब तक क्या-क्या किया है उसको लेकर उन्होंने जानकारी दी। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर भी बात हुई|
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा,‘‘हमारे 5,000 करोड़ रुपए(केंद्र पर) बकाया हैं। अभी थोड़े दिन पहले उसमें से एक किश्त आई है। आपने किसानों की आय दोगुनी करने की बात की वो तब होगी जब अभी के 60-40 अनुपात को 75-25 कर दिया जाए जिसके तहत 75% केंद्र और 25% राज्य सरकार देगी|