नई दिल्ली: गाजियाबाद जिला प्रशासन ने किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। यूपी गेट पर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने धारा-144 लगा दी है। गाजियाबाद एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने गाजीपुर बॉर्डर पर कहा किसानों को सीआरपीसी की धारा 133 (conditional order for removal of nuisance) के तहत नोटिस भेजा गया है|
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' कल आधी रात में लाठी से किसान आंदोलन को ख़त्म करने की कोशिश की। आज गाजीपुर, सिंघू बॉर्डर पर किसानों को धमकाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के हर नियम के विपरीत है। कांग्रेस किसानों के साथ इस संघर्ष में खड़ी रहेगी। किसान देश का हित हैं। जो उन्हें तोड़ना चाहते हैं- वे देशद्रोही हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि,'हिंसक तत्वों पर सख़्त कार्यवाही की जाए लेकिन जो किसान शांति से महीनो से संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ देश की जनता की पूरी शक्ति खड़ी है।
अध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनिल चौधरी ने कहा कि,''अगर धारा 144 लगायी गयी है तो कैसे भाजपा के विधायक अपनी भीड़ ले कर घूम रहे हैं. कैसे वो खुलेआम किसानों को धमकी दे रहे है. पुलिस क्या कर रही है. देश में दोहरा क़ानून है, एक मोदी जी के चंद पूँजीपतियों के लिए और दूसरा उनके लिये जो 60 करोड़ अन्नदाताओं के साथ खड़ा है.
RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार और किसानों की कई दौर की वार्ता चल रही है लेकिन नतीजा नहीं निकल रहा है। यह दर्शाता है कि सरकार किसानों पर अपनी बात थोपना चाहती है। किसान आंदोलन को पहले दिन से ही बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा ,''आज जिस तरह छल-बल का प्रयोग कर भाजपा सरकार किसानों के आंदोलन को कुचल रही है, उससे किसानों के साथ-साथ हर सच्चे भारतीय की आत्मा रो रही है। किसान अगले चुनाव में सरकार की क्रूरता का जवाब वोट से देंगे। आज भाजपा जिन किसानों को सड़क से उठा रही है, वो कल भाजपा को ही सड़क पर ले आएंगे।
दिल्ली पुलिस ने भी बॉर्डर इलाके में धारा-144 लगाकर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाकर पुलिस बल की संख्या को बढ़ा दिया गया। वहीं दूसरी ओर गाजीपुर खाली कराने के दौरान दिल्ली व यूपी पुलिस ने एनएच-24 और एनएच-9 को गाजीपुर के पास से बंद कर दिया। इसकी वजह से एनएच-24 पर भारी जाम लग गया। पुलिस ने ट्वीट कर वाहन चालकों से दूसरे रास्तों का प्रयोग करने की सलाह दी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी जिला मस्जिट्रेट, पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि जहां भी प्रदर्शन चल रहा है वहां से धरना स्थल खाली कराया जाए। इसके बाद से ही यूपी गेट पर पुलिस संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया और धरना स्थल खाली करने का नोटिस थमाया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकार ने कहा,''उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी डीएम और एसएसपी को आदेश दिया है कि वे राज्य में सभी किसान आंदोलन समाप्त कराये|
लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने विधायक नंदकिशोर गुर्जर को मनाकर वापस भेज दिया है। विधायक ने बताया अगर रविवार तक सभी देशद्रोही बॉर्डर से नहीं उठे तो वह खुद बॉर्डर खाली कराएंगे।
गाज़ीपुर बॉर्डर से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रोते हुए कहा कि कुछ लोग प्रशासन के साथ मिलकर साजिश कर रहे हैं। अब किसी भी हालत में ये आंदोलन समाप्त नहीं होगा।धरने पर बैठे राकेश टिकैत की आंखों में आंसू आ गए। बोले कि किसान शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। लेकिन सरकार किसानों के खिलाफ साजिश कर उनकी आवाज दबा रही है। सरकार भले आंदोलन का बिजली पानी काट दे, अब आसपास के गांवों से ही उनके लिए पानी आएगा। राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए और कहा कि यदि कृषि कानून वापस नहीं हुए तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। उन्होंने कहा कि देश के किसानों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है।
पुलिस ने बुराड़ी स्थित निरंकारी ग्राउंड भी खाली करवा लिया। पिछले करीब दो माह से यहां कुछ किसान धरने पर बैठे थे। आंदोलन शुरूआत के समय पुलिस के कहने पर ही यह किसान सड़कों को छोड़कर यहां आए थे। पुलिस के आदेश के बाद किसान यहां से सिंघु बॉर्डर शिफ्ट हो गए। वहीं पुलिस ने 26 जनवरी को हिंसा करने के शक में यहां से करीब 15 किसानों को हिरासत में लिया। पुलिस इनसे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की वॉटर सप्लाई काट दी गई है| पुलिस ने यहां लगाए गए पोर्टेबल टॉयलेट भी हटाने शुरू कर दिए हैं| दिल्ली पुलिस ने सिंघू बॉर्डर पर दिल्ली से हरियाणा को जोड़ने वाली सड़क खोदने के लिए जेसीबी मशीन तैनात की। सड़क में हुए बड़े -बड़े गड्ढे...