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24 अगस्त 2026

राफेल डील में बिचौलिये को दिए गए करोड़ों रु.को लेकर प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर हमला, पूछा-ये बिचौलिया कहां से आया?

राफेल घोटाले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है और कई सवाल पूछे| दरअसल,' रिपोर्ट के मुताबिक़, राफ़ेल डील में दसॉल्ट कम्पनी ने भारतीय बिचौलिये को 1.1 मिलियन यूरो रिश…

राफेल डील में बिचौलिये को दिए गए करोड़ों रु.को लेकर प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर हमला, पूछा-ये बिचौलिया कहां से आया?
राफेल डील में बिचौलिये को दिए गए करोड़ों रु.को लेकर प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर हमला, पूछा-ये बिचौलिया कहां से आया? | फ़ोटो: TVL News

राफेल घोटाले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है और कई सवाल पूछे| दरअसल,' रिपोर्ट के मुताबिक़, राफ़ेल डील में दसॉल्ट कम्पनी ने भारतीय बिचौलिये को 1.1 मिलियन यूरो रिश्वत दी थी |इस को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पूछा,''ये बिचौलिया कहां से आया?| यदि कोई बिचौलिया इसमें शामिल है तो क्या भारत सरकार को इसके बारे में पता था? 



कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा,'राफेल मामले में फ्रांस की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राफेल बनाने वाली दसॉ कम्पनी ने एक भारतीय बिचौलिए को बतौर "गिफ्ट" लगभग 9 करोड़ रुपए दिए थे। प्रियंका गांधी ने कहा,''जब ये मामला पकड़ में आया तब दसॉ कम्पनी ने ये सफाई दी कि ये पैसे राफेल के 50 मॉडल बनाने के लिए दिए गए थे।




प्रियंका गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा,''हैरान करने वाली बात ये है कि जब ये डील दो सरकारों के बीच हो रही है तब ,ये बिचौलिया कहां से आया..?| राफेल भारत की रक्षा मामलों से सबंधित डील है। यदि कोई बिचौलिया इसमें शामिल है तो क्या भारत सरकार को इसके बारे में पता था? | 



कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा,'चाहे वो दसॉ कम्पनी द्वारा भारतीय बिचौलिए को 9 करोड़ रुपए की गिफ्ट दिए जाने का मामला हो या किसी प्राइवेट बिचौलिए को 50 राफेल के मॉडल बनाने का ठेका देने का मामला (अगर दसॉ कम्पनी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर विश्वास भी कर लें), क्या भारत सरकार ने ये बात कहीं बताई?



प्रियंका गांधी ने कहा,'' इस मामले में भ्रष्टाचार एवं तथ्य छिपाने का मामला इस लिए भी महत्वपूर्ण होना चाहिए क्योंकि ये मामला किसी सामान्य चीज से जुड़ा नहीं है। ये हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है। लेकिन इस पूरे मामले में सरकार ने बिचौलिए एवं पूंजीपति मित्र के हित को आगे रखा और राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल को किनारे कर दिया। यहां दाल में कुछ काला नहीं है, बल्कि पूरी दाल ही काली है।




बता दें लड़ाकू विमान राफेल के निर्माता दसॉ ने भारत और फ्रांस के बीच 36 विमानों का सौदा हो जाने के तुरंत बाद भारत में एक बिचौलिये को 1.1 मिलियन मिलियन यूरो का भुगतान किया था| भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे में एक बार फिर भ्रष्टाचार का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है। राफेल रक्षा सौदे को लेकर फ्रांस की एक वेबसाइट ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। फ्रांस की एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट को भारत में एक बिचौलिये को 1.1 मिलियन यूरो ‘बतौर गिफ्ट’ देने पड़े थे।




 फ्रांस की वेबसाइट मीडियापार्ट ने रविवार को 'राफेल पेपर्स' नाम की रिपोर्ट जारी की, जिसमें राफेल सौदे को लेकर कई और खुलासे किए हैं। राफेल पेपर्स में दावा किया कि राफेल डील में दसॉल्ट एविएशन ने एक भारतीय बिचौलिये को राफेल सौदा के बदले करोड़ों रुपये दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय बिचौलिए को 10 लाख यूरो दिए गए हैं। इन पैसों को लेकर राफेल कंपनी की तरफ से फ्रेंच एंटी करप्शन अधिकारियों को कोई सही जबाव नहीं दिया गया है।



इसका खुलासा तब हुआ, जब फ्रांस की एंटी करप्शन एजेंसी एएफए ने दसॉल्ट के खातों का ऑडिट किया। मीडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, खुलासा होने पर दसॉल्ट ने सफाई में कहा था कि इन पैसों का इस्तेमाल राफेल लड़ाकू विमान के 50 बड़े 'मॉडल' बनाने में हुआ था, लेकिन ऐसे कोई मॉडल बने ही नहीं थे। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ऑडिट में ये बात सामने आने के बाद भी एजेंसी ने कोई कार्रवाई नहीं की, जो फ्रांस के राजनेताओं और जस्टिस सिस्टम की मिलीभगत को भी दिखाता है।



एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि दसॉल्ट ग्रुप की ओर से ‘गिफ्ट की गई राशि’ का बचाव किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनी Defsys Solutions के इनवॉयस से ये दिखाया गया कि जो 50 मॉडल तैयार हुए, उसकी आधी राशि उन्होंने दी थी। हर एक मॉडल की कीमत करीब 20 हजार यूरो से अधिक थी। हालांकि, इन सभी आरोपों का दसॉल्ट ग्रुप के पास कोई जवाब नहीं था और उसने ऑडिट एजेंसी के जवाब नहीं दिए। साथ ही दसॉल्ट ये नहीं बता सका कि आखिर उसने ये गिफ्ट की राशि किसे और क्यों दी थी?




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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 7 अप्रैल 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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