नई दिल्ली: देश में कोरोना की दूसरी लहर में ध्वस्त हुई हेल्थ सिस्टम को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है और सवाल उठाए है| कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने देश में कोरोना की दूसरी लहर में पैदा हुए भयावह हालात के लिए 'जिम्मेदार कौन?' नाम से अभियान शुरू किया है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ''देश में कोरोना की दूसरी लहर में बेड, ऑक्सीजन, वैक्सीन और दवाओं की किल्लत से गईं अनगिनत मौतों के लिए ज़िम्मेदार कौन?
प्रियंका गांधी ने कहा,जब कोरोना की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचानी शुरू की और देश के लोगों को मोदी सरकार से उम्मीद थी कि वो इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए पहले की तैयारियों एवं देश में उपलब्ध संसाधनों का पूरा इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए करेगी।
लेकिन सरकार पूरी तरह से मूकदर्शक मोड में चली गई और पूरे देश में एक पीड़ादायी स्थिति पैदा हुई।
प्रियंका गांधी ने कहा,''आने वाले कुछ दिनों तक मैं “ज़िम्मेदार कौन?” के तहत आप सबके सामने कुछ तथ्य रखूँगी जिससे मौजूदा दयनीय स्थिति की वजह को आप समझें। आपकी तरफ से मैं केंद्र सरकार से कुछ सवाल पूछूँगी जिनका जवाब देना आपके प्रति उनका कर्तव्य है। आपके सहयोग और सुझावों का स्वागत है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि ,''ज़िम्मेदार कौन?
''जब कोरोना की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचानी शुरू की और देश के नागरिक बेड, ऑक्सीजन, वैक्सीन और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे, उस समय देश की सरकार से लोगों को उम्मीद थी कि वो इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए पहले की तैयारियों एवं देश में उपलब्ध संसाधनों का पूरा इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए करेगी।लेकिन सरकार पूरी तरह से मूकदर्शक मोड में चली गई और पूरे देश में एक पीड़ादायी स्थिति पैदा हुई।
''देश की सरकार के पास तैयारी के नाम पर केवल लापरवाही की तस्वीर थी। वैक्सीनों का निर्यात करना, ऑक्सीजन के निर्यात को 2020 में दुगना करना, दूसरे देशों की तुलना में जनसंख्या के अनुपात से बहुत कम वैक्सीन बहुत देर से ऑर्डर करना आदि जैसे कई बिंदु हैं, जिस पर सरकार का व्यवहार एकदम गैर-ज़िम्मेदाराना रहा।
दूसरी लहर के दौरान मौतों के आंकड़े बताते हैं कि इसका कहर कितना घातक था। देश भर में नागरिकों की कई सारी दर्दनाक तस्वीरें आईं। पूरे देश ने वे दिन बेहद पीड़ा के साथ काटे। कितनों का कोई प्यारा गुजर गया, हर किसी ने किसी को खो दिया है।
'''और आज जब प्राकृतिक रूप से यह लहर थोड़ी थम रही है तब अचानक सरकार अपनी मीडिया और मशीनरी के द्वारा फिर से दिखने लग रही है, फिर से हमारे प्रधानमंत्री और उनके मंत्री आगे आकर बयान देने लगे हैं।
'''लेकिन हम यहाँ पहुँचे कैसे? दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पदक में से एक, ऑक्सिजन उत्पादक में से एक, जिस देश के डॉक्टर विश्व भर में मशहूर हैं- आज हम इस मुक़ाम पर कैसे पहुँचे कि ऑक्सिजन, बेड्स, वैक्सीन की कमी से हमारे देशवासी अपनी जान दे रहे हैं? ''''
'''हर एक भारतीय नागरिक की जान कीमती है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, जिन लोगों ने अपने परिजन खोए हैं, उनके प्रति जवाबदेह है। इसीलिए सरकार से हर एक मुद्दे पर बेबाक सवाल पूछे जाने जरूरी हैं। अनगिनत जानें सरकारी लापरवाही के चलते गईं। इसलिए सवाल पूछे जाने जरूरी हैं।
'''सवाल पूछे जाने इसीलिए भी जरूरी हैं ताकि आगे की तैयारियों को लेकर सरकार देश के नागरिकों के सामने पारदर्शिता के साथ पूरा खाका रखे। ताकि कुर्सी पर बैठे हुए लोगों को इस देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी और अपनी जवाबदेही समझ में आए।''''
'''इसलिए ये पूछना पड़ेगा कि ज़िम्मेदार कौन है? ''''
आने वाले कुछ दिनों तक मैं “ज़िम्मेदार कौन?” के तहत आप सबके सामने कुछ तथ्य रखूँगी जिससे मौजूदा दयनीय स्थिति की वजह को आप समझें। आपकी तरफ से मैं केंद्र सरकार से कुछ सवाल पूछूँगी जिनका जवाब देना आपके प्रति उनका कर्तव्य है। आपके सहयोग और सुझावों का स्वागत है।