मुंबई: कोरोना की दूसरी लहर बीच के ब्लैक फंगस ने भी सरकारों की परेशानियों को बढ़ा दिया है| इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने ब्लैक फंगस को अधिसूचित बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया है| महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा,''महाराष्ट्र सरकार ने ब्लैक फंगस को अधिसूचित बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया है|
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि,''राज्य में ब्लैक फंगस के 2,245 मामले हैं। महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत ब्लैक फंगस के मरीजों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलेगा|
वहीं इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा,''हमने उन 18 जिलों के मरीजों के लिए होम आइसोलेशन रोकने का फैसला किया है जहां पॉजिटिविटी रेट ज्यादा है। इन ज़िलों के मरीजों को क्वार्ंटीन सेंटर जाना होगा, होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं होगी| महाराष्ट्र में पॉजिटिविटी रेट 12% है। रिकवरी रेट 93 फीसदी है।
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि,''हमें वैक्सीन खरीद के लिए Global Tender पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। हम केंद्र सरकार से Tender जारी करने और हमें टीके उपलब्ध कराने का अनुरोध कर रहे हैं|
महाराष्ट्र: पुणे का दीनानाथ मंगेशकर प्राइवेट अस्पताल जिन लोगों की कमाई कम है उन्हें मुफ्त में वैक्सीन लगा रहा है। डॉ. योगेश ने बताया, ''हमारे पास काफी सारी वैक्सीनेशन की डोज़ उपलब्ध हैं। हमारी तैयारी है कि दिन में कम से कम 1800-2000 लोगों को वैक्सीन लगाएं।''
डॉ. योगेश ने बताया,''हमारी कोशिश है कि जो लोग पैसे नहीं दे पा रहे हैं ऐसे कम से कम 100-200 लोगों को वैक्सीन दें। 45 वर्ष से अधिक और 18-44 वर्ष के लोगों का वैक्सीनेशन अप्वाइंटमेंट के द्वारा कर रहे हैं। जिनकी सालाना कमाई 1.5 लाख से कम है, हम उनको मुफ्त में वैक्सीन देंगे|