नई दिल्ली: राज्यसभा में गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के साथ सीमा पर चल रहे तनाव को लेकर कहा कि पैगोंग झील के उत्तर और दक्षिणी किनारे से सैनिकों के पीछे हटने का समझौता हो गया है। दोनों पक्ष अपनी सेनाओं को हटाएंगे|उन्होंने यह भी कहा कि 'भारत ने इस बातचीत में कुछ भी नहीं खोया है| राज्यसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भाषण के बाद बृहस्पतिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी पर हमला बोला और सवाल किया कि सरकार जवानों के बलिदान का अपमान क्यों कर रही है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा "पूर्व की यथास्थिति बरकरार नहीं रहने का मतलब कोई शांति नहीं।" कांग्रेस नेता ने सवाल किया, "केंद्र सरकार हमारे जवानों के बलिदान का अपमान क्यों कर रही है और अपना क्षेत्र जाने को क्यों दे रही है?"
कांग्रेसी नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, " वर्तमान स्थिति की कोई जानकारी नहीं, न कोई शांति और शांतिपूर्ण माहौल। इसके साथ ही राहुल गांधी ने पूछा कि सरकार हमारे बहादुर जवानों के बलिदान का अपमान क्यों कर रही है और हमारी जमीन क्यों जाने दे रही है?"
राज्यसभा में गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के साथ सीमा पर चल रहे तनाव को लेकर बयान दिया। पूर्वी लद्दाख की मौजूदा स्थिति पर राज्यसभा में राजनाथ सिंह ने कहा कि फ्रिक्शन क्षेत्रों में डिसइंगेजमेंट के लिए भारत का यह मत है कि 2020 की फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट जो एक-दूसरे के बहुत नजदीक हैं वे दूर हो जाएं और दोनों सेनाएं वापस अपनी-अपनी स्थाई एवं मान्य चौकियों पर लौट जाएं|
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि',''सितंबर, 2020 से लगातार सैन्य और राजनयिक स्तर पर दोनों पक्षों में कई बार बातचीत हुई है कि इस डिसइंगेजमेंट का परस्पर स्वीकार्य करने का तरीका निकाला जाए। अभी तक वरिष्ठ कमांडर के स्तर पर 9 राउंड की बातचीत हो चुकी है|
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि',पांगोंग झील क्षेत्र में चीन के साथ डिसइंगेजमेंट का जो समझौता हुआ है उसके अनुसार दोनों पक्ष फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट को फेसड, कोऑर्डिनेडेड और वेरिफाइड मैनर में हटाएंगे| चीन अपनी सेना की टुकड़ियों को नॉर्थ बैंक में फिंगर 8 के पूर्व की दिशा के तरफ रखेगा और इसी तरह भारत भी अपनी सेना की टुकड़ियों को फिंगर 3 के पास अपने स्थायी बेस पर रखेगा। इसी तरह की कार्यवाही दोनों पक्षों द्वारा साउथ बैंक एरिया में की जाएगी|