नई दिल्ली: ‘अग्निपथ’ योजना (Agneepath Scheme) को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या ‘नए भारत’ में सिर्फ प्रधानमंत्री के ‘मित्रों’ की सुनवाई होगी ? देश के वीरों की नहीं?
शुक्रवार को राहुल गांधी ने ट्वीट किया,‘‘एक तरफ़ देश के परमवीर हैं और दूसरी तरफ़ प्रधानमंत्री का घमंड और तानाशाही। क्या ‘नए भारत’ में सिर्फ़ ‘मित्रों’ की सुनवाई होगी, देश के वीरों की नहीं?
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा,''एक तरफ़ देश के परमवीर हैं, जो कह रहे हैं ‘अग्निपथ’ से देश और सेना को सिर्फ़ नुकसान होगा। दूसरी तरफ़, प्रधानमंत्री का घमंड और तानाशाही। जब देश पर मर-मिटने वाले वीरों की ही सुनवाई नहीं है, तो फ़िर इस 'नए भारत' में सुनवाई है किसकी? सिर्फ़ प्रधानमंत्री के 'मित्रों' की?
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक खबर का हवाला दिया जिसमें ,सेना के एक मानद कैप्टन बाना सिंह ने कहा, ‘अग्निपथ’ योजना सेना को बर्बाद कर देगी।
परमवीर चक्र विजेता और सेना के मानद कैप्टन बाना सिंह ने कहा है कि अग्निपथ योजना की वजह से 'भारी क़ीमत' चुकानी पड़ेगी| उन्होंने कहा कि ये योजना सेना को बर्बाद कर देगी और पाकिस्तान-चीन को फ़ायदा पहुँचाएगी| उन्होंने कहा, "चार साल की अग्निपथ योजना भारतीय सेना को बर्बाद और ख़त्म कर देगी| इसे बिल्कुल लागू नहीं किया जाना चाहिए था|"
अहंकारी भाजपा सरकार हमारे 'वीरों' की क्यों नहीं सुन रही है?: प्रियंका गांधी
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी इस खबर को शेयर करते हुए कहा, देश के लिए जान की बाजी लगाने वाले सियाचीन के हीरो का भी कहना है कि 'अग्निपथ' योजना सेना को बर्बाद कर देगी। अहंकारी भाजपा सरकार हमारे 'वीरों' की क्यों नहीं सुन रही है? आखिर सेना को कमजोर करके भाजपा सरकार किसे फायदा पहुंचाना चाहती है?
गौरतलब है कि गौरतलब है कि ‘बुधवार 14 जून, 2022 को सरकार ने सशस्त्र बलों के लिए 'अग्निपथ' नामक एक नई भर्ती योजना लॉन्च की है| योजना के अंतर्गत 17.5 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को सशस्त्र बल- सेना, नौसेना और वायु सेना में 4 साल के लिए अग्निवीर के रूप में शामिल किया जाएगा|
योजना के मुताबिक चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 75 फीसदी अग्निवीरों को सेवा निधि देकर सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा| यानी कि चार साल बाद इनमें से केवल 25 प्रतिशत युवाओं की सेवा को नियमित किया जाएगा।
चार साल की सेवा के बाद अग्निवीर क्या करेंगे, ये इस योजना के लॉन्च होने के बाद से ही पूरे देश के युवाओं में गुस्सा फैल गया है। सड़कों से लेकर रेलवे ट्रैक तक जमकर हंगामा हुआ|