नई दिल्ली: पार्टी के खिलाफ बगावत कर रहे कांग्रेस नेता सचिन पायलट को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कहा कि सचिन पायलट ने जो किया वो कांग्रेस पार्टी की नीतियों के खिलाफ है। नौजवानों को सब्र नहीं है, राजनीति में सब्र होना चाहिए। सब्र से ही इंसान आगे बढ़ता है|
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सचिन पायलट को सांसद, केंद्रीय मंत्री, राजस्थान पार्टी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री बनाया गया, उनकी उम्र क्या है? वह अभी भी युवा हैं, उन्हें थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। उनकी हरकतें पार्टी के अनुशासन के खिलाफ हैं। इन युवाओं में धैर्य नहीं है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि,''वही(ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसी) हालत सचिन पायलट जी की है। सचिन को 26-27 साल की उम्र में सांसद बना दिया। राजस्थान का डिप्टी CM बना दिया। अभी उनकी उम्र ही क्या है 37-38 साल है, थोड़ा धैर्य रखो। कितने ऐसे लोग हैं जो इतनी जल्दी राजनीतिक पायदान पर ऊपर चढ़ते हैं|
दिग्विजय सिंह ने कहा कि,'जिस तरह का व्यवहार उन्होंने (सचिन पायलट) किया वो कांग्रेस पार्टी की नीतियों के खिलाफ है। इन नौजवानों को सब्र नहीं है, राजनीति में सब्र होना चाहिए। सब्र से ही इंसान आगे बढ़ता है
वहीं कांग्रेस ने सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार को कांग्रेस की शिकायत के आधार पर पायलट समेत 19 विधायकों को नोटिस भेजा है। उन्हें शुक्रवार तक अपना जवाब दाखिल करना है।
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि, कांग्रेस विधायक दल की बैठकों में शामिल नहीं होने के लिए सचिन पायलट और पार्टी के 18 अन्य सदस्यों को नोटिस जारी किया गया है। यदि वे 2 दिनों के भीतर जवाब नहीं देते हैं, तो यह माना जाएगा कि वे CLP से अपनी सदस्यता वापस ले रहे हैं| कांग्रेस की शिकायत पर स्पीकर ने इन बागी विधायकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है| विधायकों को जवाब देने के लिए 17 जुलाई तक का वक्त दिया गया है|
वहीं सचिन पायलट ने कहा कि वो अभी भी कांग्रेस में हैं और फिलहाल भाजपा में नहीं जा रहे हैं। पायलट ने कहा है कि सरकार गिराने की बात करना गलता है, मैं अपनी ही पार्टी के खिलाफ ऐसा क्यों करूंगा..? कांग्रेस नेता सचिन पायलट लगातार यह कह रहे हैं कि वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं| बुधवार को सचिन पायलट ने एक बार फिर कहा है कि, वो बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं|
राजस्थान में उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का पद गंवाने के बाद सचिन पायलट ने कहा है कि वो अभी भी कांग्रेस में हैं और भाजपा में नहीं जा रहे हैं। सीएम गहलोत से बगावत करने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा हो रही थी कि कहीं पायलट भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह भाजपा का दामन तो नहीं थामेंगे।
लेकिन बुधवार को सचिन पायलट ने साफ कहा है कि,मैं बीजेपी में शामिल नहीं हो रहा| उन्होने कहा,'राजस्थान में कांग्रेस को वापस लाने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है| सचिन पायलट ने कहा,'राजस्थान में कुछ नेताओं ने अटकलों को हवा देने की कोशिश की कि मैं बीजेपी में शामिल हो रहा हूं लेकिन मैं ऐसा नहीं कर रहा हूं|
पायलट ने कहा कि मुझपर आरोप लग रहे हैं कि मैं भाजपा के साथ मिलकर सरकार गिराना चाहता हूं। भाजपा से मिलकर सरकार गिराने की बात करना गलत है। उन्होंने कहा कि मैं अपनी ही पार्टी के खिलाफ ऐसा काम क्यों करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं अभी भी पार्टी में हूं। आगे के कदम के लिए अपने समर्थकों के साथ बातचीत करूंगा। पायलट ने कहा कि मैं अभी भी कांग्रेस में हूं, भाजपा में नहीं जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता के लिए काम करना जारी रखूंगा।