नई दिल्ली:कृषि विधेयकों पर कांग्रेस ने कहा कि,''भाजपा ने अपने काले अध्यादेशों के माध्यम से हरित क्रांति के लाभ को मिटाने का षड्यंत्र रचा है। भाजपा के काले अध्यादेशों ने किसानों से उनके मूल्य निर्धारण की शक्ति छीन ली है। भाजपा सरकार के काले अध्यादेश किसानों के लिए हानिकारक हैं। कांग्रेस ने कहा कि,''भाजपा ने अपनी तानाशाही से ध्वनि मत से बिल पारित कर लोकतंत्र का गला घोंट दिया है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी गई भाजपा सरकार देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को ही ध्वस्त करने पर तुली हुई है। भाजपा का लोकतंत्र विरोधी चेहरा उजागर हुआ है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,''संसद के अंदर संसदीय लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है, सड़कों पर किसान को लाठियों से पीट कर प्रजातंत्र का गला घोंटा जा रहा है! खेत-खलियानों में, सड़कों-बाज़ारों में, मज़दूरों व किसान की आजीविका छीनी जा रही है, और संसद के अंदर उनके नुमाइंदों की आवाज़ दबाई जा रही है! नरेंद्र मोदी जी की सरकार, 'बंदी सरकार' बन गई है! पहले नोटबंदी की, उसके बाद GST लाकर व्यापार बंदी की, उसके बाद लॉकडाउन लगाकर देश बंदी की, और अब खेत-खलियान बंदी करने की तैयारी है।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा,''पूरे देश ने देखा कि संसद के अंदर सुरक्षा गार्ड लगाकर, सांसदों को अपने अधिकार का इस्तेमाल ना करने देकर, वोट ना डलवा कर, डिविजन ना करवाकर और जब बहुमत नहीं रहा तो इन्होंने ध्वनि वोट से जबरन ये कानून पारित करवा लिया| संसद में संविधान का और खेत खलिहान में किसान की आजीविका का गला घोंटा जा रहा है। मोदी जी के राजतंत्र को बचाने के लिए देश में और संसद में प्रजातंत्र को खत्म किया जा रहा है, उसकी हत्या की जा रही है|
सुरजेवाला ने कहा,''मोदी सरकार को कमेरे वर्ग से कोई लेने देना नहीं, वो अपने चंद वित्तदाताओं को बचाने में लगी है। मोदी जे ने देश की संसद को भी अपने तानाशाही गुजरात मॉडल में तब्दील कर दिया है और लोकतंत्र को एकतंत्र में बदल दिया है |धक्केशाही और तानाशाही से परंपरा, मर्यादा, विपक्ष की आवाज़, किसान की पुकार, हर तरफ उनकी हत्या हो रही है। संसद और संविधान इस बात के लिए मोदी जो को माफ नहीं करेगा|
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,''आज कांग्रेस समेत आठ सांसदों को राज्यसभा में निष्काषित किया, किसान विरोधी काले कानूनों का विरोध करने वालों की आवाज़ दबा दी गयी, संसद के अंदर किसानों के नुमाइंदों और खेत-खलिहान में मजदूर की आवाज़ दबाई जा रही है, मोदी जी ये देश आपको कभी माफ नहीं करेगा|
हमारे सीधे सवाल हैं :
- 62 करोड़ किसानों के भविष्य का फैसला करने वाले काले क़ानूनों पर मत विभाजन मांगना क्या पाप या असंसदीय है?
-मार्शल बुलाकर सांसदों को धक्के मारकर निकालना क्या संसदीय प्रणाली है?
- राज्यसभा टीवी या ओडियो को बंद कर देना क्या प्रजातांत्रिक परंपरा का हिस्सा है? -
-100 से अधिक सांसदों ने उपसभापति के खिलाफ प्रस्ताव दिया, उस प्रस्ताव को ख़ारिज कर देना क्या ये प्रजातंत्र की परिपाटी की अनुपालना है?
- क्या 62 करोड़ किसानों की ज़िंदगी का निर्णय बैगर वोट या डिवीजन के हो सकता है?
- क्या किसान के संगठनों की राय लेना अनिवार्य नहीं?
- क्या किसानों के इन सब नुमाइंदों की बात सुनना जरूरी नहीं?
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,''मोदी जी देश को गुजरात मॉडल में बदलना बंद कीजिए। देश की संसद की परिकल्पना हमारे पूर्वजों ने इसलिए की थी कि इसके अंदर संसदीय परिपाटी, परंपरा, कानून, संविधान उसका सम्मान होगा, आज उन सबकी हत्या कर दी गई|सुरजेवाला ने कहा,'' मैं अंत में कहूंगा, कितनी आवाजें और दबाएंगे? आप किसान की आवाज का गला घौंट रहे हैं, आप खेत मजदूर की आजीविका छीन रहे हैं, बेरोजगार नौजवानों की बात सुनने से इंकार कर रहे हैं, छोटे-छोटे दुकानदार की रोजी-रोटी छीन रहे हैं