नई दिल्ली: कांग्रेस ने कहा कि,'प्रधानमंत्री के झूठ वादों और खोखले दावों ने उनके वक्तव्यों से जनता का विश्वास कम करने का काम किया है। प्रधानमंत्री जिस MSP को बढ़ाने का वादा करते थे; आज काले कानून से उसी MSP पर खतरा पैदा कर दिया है।प्रधानमंत्री के मौखिक वादे पर देश की जनता को विश्वास नहीं रहा। प्रधानमंत्री ने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था; लेकिन बेरोजगारी 45 वर्षों में सबसे उच्चतम स्तर पर है। इसलिए किसान प्रधानमंत्री के MSP देने के मौखिक वादे पर विश्वास नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा कि,''प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा सरकार का हर मंत्री किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का आश्वासन दे रहा है। लेकिन किसानों की मांग है कि यह मौखिक नहीं अध्यादेशों में लिखित रूप में हो। किसान की चिंता जायज है- इस बिल में निजी खरीदार को MSP देने की बाध्यता नहीं है।प्रधानमंत्री ने 2022 तक किसानों की आमदनी बढ़ाने का वादा कर किसानों की आत्महत्याओं के मामले बढ़ा दिये। पिछले 6 सालों में प्रधानमंत्री का हर दावा खोखला साबित हुआ है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,न्यूनतम समर्थन मूल्य - MSP खत्म करने की भाजपाई साजिश हुई बेनकाब! गेहूँ के MSP में मात्र 2.6% की वृद्धि कर लागत+50% मुनाफे का वादा बना जुमला। MSP को कृषि कानूनों से बाहर रखना खेती के खिलाफ मोदी सरकार का षडयंत्र!
रणदीप सुरजेवाला ने कहा,''मोदी सरकार को कमेरे वर्ग से कोई लेने देना नहीं, वो अपने चंद वित्तदाताओं को बचाने में लगी है। मोदी जे ने देश की संसद को भी अपने तानाशाही गुजरात मॉडल में तब्दील कर दिया है और लोकतंत्र को एकतंत्र में बदल दिया है
कृषि विधेयकों पर प्रताप सिंह बाजवा ने कहा,''100 सांसदों ने, 12 अलग-अलग पॉलिटिक्ल पार्टी ने नो कॉन्फिडेंस मूव किया, वो भी डस्टबिन में फैंक दिया। हम जब डिवीजन मांग रहे थे, वो हमें नहीं दिया, फिर ये संसद बुलाने की जरुरत ही क्या है?... कुलजीत नागरा ने कहा,''एक काला कानून जो मोदी सरकार लेकर आई है। मैं समझता हूं कि आज दोनों राज्यों के अन्नदाता और जवान देश की सरहदों पर देश की रक्षा करते हैं। सरकार ने दोनों का विश्वास खो दिया है