नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीटिंग में मुख्यमंत्रियों को न बोलने देने के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा,''मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आचरण आज बहुत अशोभनीय रहा है| उन्होंने पूरी बैठक को एक तरह से पटरी से उतारने की कोशिश की|
रविशंकर ने कहा,''उन्होंने कहा कि सिर्फ BJP प्रदेश के ज़िलाधिकारियों को बुलाया जाता है जबकि पूर्व में आंध्र प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के जिलाधिकारियों ने भी बात रखी है। ममता बनर्जी ने 24-परगना के DM को बोलने नहीं दिया, कहा कि DM क्या जानते हैं, मैं उनसे ज्यादा जानती हूं|
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा,''आज प्रधानमंत्री ने कोरोना की लड़ाई के अच्छे कामों को शेयर करने के लिए कुछ राज्यों के जिलाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आचरण आज बहुत अशोभनीय रहा है। उन्होंने पूरी बैठक को एक तरह से पटरी से उतारने की कोशिश की|
बता दें कि,''प्रधानमंत्री ने आज 10 राज्यों-छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के ज़िलाधिकारियों और फील्ड अधिकारियों के साथ COVID-19 स्थिति पर बातचीत की। बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीटिंग में मुख्यमंत्रियों को बोलने नहीं दिया गया| 'बैठक में मुख्यमंत्रियों को पुतला बनाकर रखा गया|
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि,''यदि राज्यों को बोलने की अनुमति नहीं थी तो उन्हें क्यों बुलाया गया। बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर सभी मुख्यमंत्रियों को विरोध करना चाहिए| पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि,'' मुख्यमंत्रियों को कठपुतली बनकर रखा गया| पीएम मोदी की कोविड बैठक में बोलने की इजाजत नहीं दी गई| पीएम की मुख्यमंत्रियों के साथ COVID-19 स्थिति पर बैठक सुपर फ्लॉप और अपमानजनक है|