नई दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान मई में ससंद तक पैदल मार्च करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने मई में संसद मार्च की घोषणा की है। किसानों और मजदूरों के अलावा, महिलाएँ, दलित-आदिवासी-बहुजन, बेरोज़गार युवा और समाज का हर वर्ग इस मार्च का हिस्सा होगा। यह कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा|
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा,''लोग अपने वाहनों में अपने गाँव से दिल्ली की सीमाओं तक आएंगे। इसके बाद दिल्ली की सीमाओं से एक पैदल मार्च किया जाएगा। आने वाले दिनों में संसद मार्च की सटीक तारीख की घोषणा की जाएगी| मार्च की तिथि अब तक तय नहीं हुई है।’ किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, ‘इसमें न केवल किसानों को, बल्कि बल्कि महिलाओं, बेरोजगार व्यक्तियों और श्रमिकों को भी शामिल किया जाएगा जो आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।’
चढूनी ने कहा कि मार्च ‘शांतिपूर्ण ढंग’ से निकाला जायेगा और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि ‘26 जनवरी को जो घटना हुई थी, उसकी पुनरावृत्ति नहीं हो।’ नेताओं ने संसद मार्च में पुलिस कार्रवाई होने पर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए एक समिति बनाने संबंधी अपनी योजना भी साझा की। उन्होंने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों को स्पष्ट कर दिया जाएगा कि संयुक्त किसान मोर्चा सभी प्रकार की हिंसा की निंदा करता है। इसलिए प्रदर्शनकारियों को पता होना चाहिए कि अगर उनके द्वारा संपत्ति को कोई नुकसान हुआ है, तो उन्हें जुर्माना देना होगा।’