नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के 69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, लेकिन इस फैसले से लगभग 38 हजार शिक्षामित्रों को राहत मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है| सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती से जुड़े एक मामले में उत्तर प्रदेश शिक्षा मित्र एसोसिएशन द्वारा दायर अपीलों को खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी में करीब 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती से संबंधित मामले के संबंध में यूपी शिक्षा मित्र एसोसिएशन द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया।अदालत ने शिक्षा मित्र को संबंधित परीक्षाओं में भाग लेने के लिए एक अंतिम मौका दिया। कहा गया है कि कट ऑफ राज्य सरकार द्वारा तय 60-65 ही रहेगी...ये शिक्षामित्र 40/45 कट ऑफ की मांग कर रहे थे|
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा है कि कट ऑफ 60 से 65 ही रहेगा| इससे उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के रूप में योग्यता प्राप्त करने के लिए लगभग 38 हजार शिक्षा मित्रों को कट-ऑफ अंकों में छूट नहीं मिलेगी| हालांकि, सभी शिक्षा मित्रों को एक मौका और मिलेगा|
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार को शीर्ष न्यायालय द्वारा शेष 37,339 पदों को भरने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है,सहायक अध्यापकों (शिक्षा मित्र) ने मई, 2020 में घोषित परिणाम के अनुसार। इन पदों को 9 जून के आदेश से रिक्त रखा गया था, जिसमें राज्य में चयन प्रक्रिया पर रोक थी।
शिक्षक भर्ती मामले में पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 सितंबर को 31661 पदों को एक हफ्ते के अंदर भरने का निर्देश दिया था। इन पदों पर यूपी सरकार के मौजूदा कट ऑफ 60-65 के आधार पर भर्ती होगी। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान यूपी सरकार के हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया इसमें कहा गया था कि नए कट ऑफ की वजह से नौकरी से वंचित रह गए शिक्षा मित्र को अगले साल एक और मौका दिया जाएगा।