नई दिल्ली: नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव व पार्टी के सांसद जयराम रमेश ने कहा कि,“ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नोटबंदी का फ़ैसला केवल प्रक्रिया तक सीमित है, और नोटबंदी के परिणामों से इसका कोई संबंध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय नोटबंदी की प्रक्रिया पर है, परिणाम पर नहीं| उन्होंने कहा ,“सुप्रीम कोर्ट के फैसले में नोटबंदी के असर पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है, जो कि एक नितांत विनाशकारी निर्णय था। इस निर्णय ने विकास की गति को क्षति पहुंचाई, सूक्ष्म, लघु और मझौले स्तर की इकाईयों को पंगु बनाया, अनौपचारिक क्षेत्र को समाप्त कर दिया और लाखों लोगों की अजीविका को नष्ट कर दिया।
बता दें,'सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के 2016 में 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने के फैसले को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने सोमवार को केंद्र सरकार के 2016 के नोटबंदी के फैसले को 4-1 के बहुमत से बरकरार रखा, जिसमें ₹500 और ₹1,000 के मूल्यवर्ग के नोट चलन से बाहर कर दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरबीआई के पास नोटबंदी लाने का कोई अधिकार नहीं है और केंद्र तथा आरबीआई के बीच परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सांसद जयराम रमेश ने कहा कि,“सर्वोच्च न्यायालय ने केवल इस संदर्भ में अपना निर्णय दिया है कि क्या 08 नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा से पूर्व आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 26 ( 2 ) की समुचित अनुपालना की गई थी अथवा नहीं, इससे कम या ज्यादा कुछ नहीं है। एक न्यायाधीश ने अपनी असहमति दर्ज करते हुए कहा है कि संसद को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए था।
जयराम रमेश ने कहा कि,'इस निर्णय में नोटबंदी के असर पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है, जो कि एक नितांत विनाशकारी निर्णय था। इस निर्णय ने विकास की गति को क्षति पहुंचाई, सूक्ष्म, लघु और मझौले स्तर की इकाईयों को पंगु बनाया, अनौपचारिक क्षेत्र को समाप्त कर दिया और लाखों लोगों की अजीविका को नष्ट कर दिया।
निर्णय में इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है कि क्या नोटबंदी अपने घोषित उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रही या नहीं। प्रचलन में मुद्रा को कम करना, कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ना, नकली मुद्रा पर अंकुश लगाना, आतंकवाद को समाप्त करना और काले धन का पर्दाफाश करना जैसे घोषित उद्देश्यों में से किसी उद्देश्य को प्राप्त करने में कोई भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल नहीं की जा सकी।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि,“सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बहुमत से लिया गया ये फैसला केवल निर्णय लेने की प्रक्रिया के मुद्दे तक सीमित है और नोटबंदी के परिणामों से इसका कोई संबंध नहीं है। ये कहना कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने नोटबंदी के निर्णय को सही ठहराया है, पूरी तरह से भ्रामक और गलत है।
सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को सही ठहराया, कहा- केंद्र की निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं थी
सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को सही ठहराया, चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया: भाजपा