नई दिल्ली: मनी लॉन्डरिंग के आरोप का सामना कर रही ICICI बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर पर कोई ठोस का कार्रवाई नहीं की जाएगी| वीडियोकॉन-आईसीआईसीआई बैंक घोटाला मामले की जांच कर रही ED की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा|
सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को मौखिक रूप से कहा कि आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के खिलाफ आईसीआईसीआई- वीडियोकॉन लोन घोटाला मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होनी है।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऋषिकेष रॉय की पीठ को सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सूचित किया कि एजेंसी आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन समूह कर्ज प्रकरण में दर्ज मामले में कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाएगी।
पीठ ने कहा कि इस मामले में चंदा कोचर द्वारा अपने पति दीपक कोचर की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर दो याचिकाओं पर बाद में सुनवाई की जाएगी। प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में कोचर, दीपक कोचर और वीडियोकॉन समूह के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत के खिलाफ धन शोधन के आरोपों में आरोप पत्र दाखिल किया है।
सरकारी सूत्रों ने पहले बताया था कि कोचर, धूत और अन्य ने इन आरोपों से इनकार किया था। यह आरोपपत्र या मुकदमा चलाने की शिकायत धन शोधन रोकथाम कानून के तहत मुंबई में विशेष अदालत में दायर की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई द्वारा कोचर, धूत और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद धनशोधन का मामला दर्ज किया और फिर दीपक कोचर को उसने गिरफ्तार किया था। ईडी ने कोचर और उनके कारोबारी सहयोगियों के खिलाफ वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को 1,875 करोड़ रुपये का गैर कानूनी तरीके से कर्ज मंजूर किए जाने के लिए धन शोधन के आरोप लगाए थे।
गौरतलब है कि बीते दिनों चंदा कोचर को ईडी के आदेश को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की अथॉरिटी ने खारिज कर दिया था। इससे चंदा कोचर को वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज को लोन देने के मामले में क्लीन चिट मिल गई है। इसके साथ ही ईडी अब चंदा कोचर की प्रॉपर्टी जब्त नहीं करेगी।
इससे पहले स्पेशल कोर्ट ने पिछले हफ्ते चंदा कोचर के पति और कारोबारी दीपक कोचर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वह आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोपी हैं। ईडी ने सितंबर में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत दीपक को गिरफ्तार किया था। इस पर अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।